उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है, 10 प्रतिशत काम ही शेष

मध्य प्रदेश राज्य

उज्जैन
दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे से उज्जैन शहर को सीधे जोड़ने वाली 2660 करोड़ रुपये की उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना पूर्ण होने की कगार है। 41 किलोमीटर लंबे उज्जैन से खेड़ाखजूरिया मार्ग का 10 प्रतिशत काम ही शेष बचा है। उसके आगे काम पूर्ण हो चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शेष काम महीनेभर में काम पूरा कराने का दावा किया है। इधर, परियोजना पूर्ण होने से पहले ही रास्ता खुला होने से आवागमन आसान हो गया है। यात्रियों का कहना है कि परियोजना पूर्ण होने से पहले ही आवागमन शुरू हो गया है। उज्जैन से दिल्ली, मुंबई, वड़ोदरा की दूरी कम हुई है। अब समय और ईंधन दोनों बच रहा है।

नवंबर 2022 में शुरू किया था काम
मालूम हो कि उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नवंबर- 2022 में शुरू कराया था। काम तेजी से कराने को परियोजना कार्य तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग कंस्ट्रक्शन कंपनियों क्रमश: जीएचवी, रवि इन्फ्रा, एमकेसी इन्फ्रा को दिया था। जीएचवी कंपनी को उज्जैन से खेड़ाखजूरिया तक सड़क बनाने की जिम्मेदारी थी जो भूमि आवंटन देरी से होने के कारण समय सीमा में पूरी न हो सकी। अनुबंध अनुसार तीनों फर्मों को काम जुलाई- 2024 में ही पूरा कर लेना था। रवि इन्फ्रा, एमकेसी इन्फ्रा अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर चुकी है। जीएचवी का काम 10 प्रतिशत शेष है जो बढ़ाई गई 207 दिन की समय सीमा गुजरने के बाद भी अधूरा है। अब महीनेभर में काम पूरा करने की बात ठेकेदार द्वारा कही जा रही है।

उज्जैन जिले में यहां बनेगा टोल प्लाजा
उज्जैन जिले की सरहद में उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क मार्ग पर टोल प्लाजा पानबिहार से पांच किलोमीटर आगे और जगोटी से पहले बनेगा। टोल टैक्स की दर अभी तय नहीं हुई है। याद रहे कि तीन साल पहले उज्जैन आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां 5722 करोड़ रुपये से बनाई जाने वाली 534 किलोमीटर लंबी 11 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इन परियोजना में उज्जैन को दिल्ली-वड़ोदरा-मुंबई एकसप्रेस वे से जोड़ने को उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना भी सम्मिलित की गई थी। ये सड़क मार्ग उज्जैन में चंदेसरा गांव बायपास हो रहे उज्जैन-देवास-बदनावर फोरलेन सड़क मार्ग से जोड़ा गया है।
 
अधिकांश रास्ता सुनसान, जमीन की कीमत बढ़ी
उज्जैन-गरोठ फोरलेन मार्ग का अधिकांश रास्ता सुनसान है। क्योंकि मार्ग का अधिकांश हिस्सा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से दूर है। बावजूद इसके मार्ग से जुड़े क्षेत्र की जमीन की कीमत काफी बढ़ गई है। पेट्रोल पंप, गोदाम, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल के लिए लोग परियोजना शुरू होने से पहले ही जमीन के पर्ची पर सौदे कर चुके हैं। अगले कुछ महीनों में यहां आवासीय कॉलोनियां भी कटने की तैयारी दिखाई दे रही है। देवास रोड पर चंदेसरा, चंदेसरी, प्रेमनगर, दताना, मताना गांव में अब नई पाश कॉलोनियां कट भी चुकी हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry