बिहार
इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। ‘लैंड फॉर जॉब’ (जमीन के बदले नौकरी) मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में लालू यादव और उनके बेटा-बेटी समेत सभी आरोपियों को समन भेजा है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में आरोपी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी बेटी हेमा यादव और बेटे तेजप्रताप यादव समेत सभी आरोपियों को तलब किया है। लैंड फॉर जॉब घोटाले में जो 78 आरोपी हैं, इनमें से 30 सरकारी कर्मचारी हैं।
बता दें कि CBI ने लालू यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी नामजद आरोपियों को 11 मार्च को पेश होने का आदेश दिया गया है।
मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। CBI की जांच में यह बात सामने आई है कि नौकरी के इच्छुक लोगों ने लालू यादव के परिवार के सदस्यों के नाम पर अपनी जमीनें बेचीं या गिफ्ट कीं। इसके बाद उन्हें रेलवे में अलग-अलग पदों पर नौकरियां मिल गईं। यह नौकरियां बिना किसी पारदर्शिता या नियमों का पालन किए दी गईं।
भ्रष्टाचार के इस मामले में CBI ने 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी किया है। लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया। लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले अपने परिवार के नाम पर जमीनें और प्रॉपर्टी ट्रांसफर करवाईं। इसके बदले में उन लोगों को रेलवे के अलग-अलग जोन में नौकरियां दी गईं।
इन शहरों में दी गई नौकरी
जिन शहरों में ये नौकरियां दी गईं, उनमें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर शामिल हैं। CBI ने अपनी जांच के बाद इस पूरे मामले में लालू प्रसाद यादव को मुख्य आरोपी बनाया है। उनके परिवार के सदस्यों और नौकरी पाने वाले लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। यह मामला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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