जबलपुर
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पशु संपदा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते है। पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर पहुंचा जा सकता है। उन्होंने पंचगव्य के उपयोग और महत्ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मूक प्राणी और पशुओं की सेवा पुण्य का कार्य है।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल की अध्यक्षता में आज नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी नानाजी की जीवन यात्रा से प्रेरणा ले और समाज सेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने संस्कारधानी में नानाजी के आदर्शों पर संचालित प्रदेश के एकमात्र पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यो की सराहना की। विश्वविद्यालय में हो रहे वन्य जीवन संरक्षण तथा रोग निदान अनुसंधान कार्य को अनुकरणीय बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखें। शपथ का समाज और राष्ट्र सेवा में पालन करें। उन्होंने सभी दीक्षित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।
कन्या छात्रावास का किया निरीक्षण
राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रांगण स्थित नर्मदा कन्या छात्रावास का भ्रमण कर साफ़ सफाई, पानी, रसोई घर आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा भी की। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पटेल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने आज उपाधि प्राप्त कर समाज और राष्ट्र की प्रगति की शपथ ग्रहण की हैं उनके जीवन का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मूक पशुओं का इलाज कर उनके तकलीफों को समझकर दूर करने का प्रयास करते रहे। कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। दीक्षांत समारोह में जनप्रतिनिधी, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलगुरु, छात्र छात्राएं व अभिभावकगण उपस्थित रहे।
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