चंडीगढ़
हरियाणा सरकार की ओर से पंचकूला स्थित रेड बिशप में प्री-बजट बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई विधायक शामिल हुए। बैठक के दौरान एक व्यक्ति बाइक लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के पास पहुंच गया, जिसे हटाने की कोशिश पर उसने पुलिस से बहस और हाथ तोड़ने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
घटनास्थल पर मचे हंगामे को देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत व्यक्ति के पास पहुंचे और उसे शांत कराने की कोशिश की। लेकिन उसने पुलिस अधिकारी को हाथ तोड़ने की धमकी दी। गाली-गलौज करने के बाद वह अपनी बाइक घुमा कर जाने लगा, लेकिन गेट पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने पीछा करते हुए उसकी बाइक की चाबी निकाल ली। इस पर व्यक्ति और अधिक आक्रोशित हो गया। अंततः उसे अपनी बाइक वहीं छोड़नी पड़ी और अधिकारियों के साथ आगे बढ़ना पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उसे शांत करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उसने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। “मेरे परिवार को 13 सालों से प्रताड़ित किया जा रहा है और फिर भी हमें ही अपराधी ठहराया जा रहा है! मुझे शांत कराने का कोई फायदा नहीं!”— व्यक्ति ने जोर से कहा। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया, उसे हिरासत में लिया और मौके से हटा दिया।
आपको बता दें कि इससे पहले भी सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आई है। जी हां, 20 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का काफिला 15 मिनट तक सड़क पर रुका रहा, क्योंकि पंजाब भवन का गेट बंद था। फरीदाबाद में रोड शो के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता सुदेश राणा ने शर्ट उतारकर काला झंडा लहराने की कोशिश की, जिसे तुरंत हिरासत में लिया गया। कुछ भी हो हरियाणा में लगातार सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब और सख्त कदम उठाने की तैयारी में हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

