अगर कोई सनातन के प्रचार में भाजपा का प्रचार समझता है, तो उसकी बुद्धि और विवेक के बारे में हम क्या कह सकते हैं: मनोज तिवारी

राज्य

पटना
भारतीय जनता पार्टी के नेता और सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को बाबा बागेश्वर के बारे में कहा कि वो चुनाव का नहीं, सनातन का प्रचार करते हैं। अगर किसी को लगता है कि सनातन के प्रचार में भाजपा का प्रचार है, तो मैं ऐसे लोगों को सुझाव देना चाहूंगा कि वे लोग भी सनातन के रंग में रंगकर इसे अपना प्रचार बना सकते हैं।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब अगर कोई सनातन के प्रचार में भाजपा का प्रचार समझता है, तो उसकी बुद्धि और विवेक के बारे में हम क्या कह सकते हैं। राजनीति और सनातन अलग हैं। सनातन एक ऐसा धर्म है, जो सभी जीवों के प्रति दया दिखाता है। सनातन हमें सभी को साथ लेकर चलना सिखाता है। सनातन हमें दूसरे धर्म के व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में नहीं सिखाता है। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम का विरोध करने वालों के बारे में कहा कि ऐसे लोगों के दिमाग में ही परेशानी है। अब ऐसे लोगों के बारे में क्या ही कहा जाए।

उन्होंने तेजस्वी यादव द्वारा ताड़ी पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अब कहने में कुछ नहीं लगता है। आपके मन में जो आए, आप कह सकते हैं। लेकिन, ऐसे लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इस देश में एक ऐसी पार्टी है, जिसके नेता की छाती 56 इंच की है और बाकी लोगों की 56 इंच की जीभ है, तो जिन लोगों की 56 इंच की जीभ है, उनके मन में जो आता है, वो बोल सकते हैं। आखिर उन्हें रोकने वाला कौन है।

तमिलनाडु में हिंदी के विरोध पर मनोज तिवारी ने कहा कि इस मामले में तेजस्वी यादव को बोलना चाहिए, क्योंकि स्टालिन के साथ तेजस्वी यादव का गठबंधन है। आप संस्कृत तो छोड़िए। ये लोग हिंदी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन तेजस्वी यादव की पार्टी एमके स्टालिन के साथ गठबंधन में है। तेजस्वी यादव को सबसे पहले एमके स्टालिन के साथ गठबंधन तोड़ लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम एक दिन आपको दिखाएंगे कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक सबसे पहले अगर किसी भाषा का सम्मान होगा, तो वो स्थानीय होगी, लेकिन स्थानीय भाषा के बाद अंग्रेजी की जगह हिंदी को तरजीह दी जानी चाहिए। जेडीयू नेता खालिद अनवर द्वारा औरंगजेब की तारीफ किए जाने पर मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसे लोगों को देशद्रोही कहा जाना चाहिए और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि फिर से कोई इस तरह की टिप्पणी न कर सके।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होली नहीं मनाए जाने के फरमान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जल्द ही यूनिवर्सिटी की व्यवस्था में लगे लोगों को सजा मिलेगी। इस देश में सभी को अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करने का अधिकार है। किसी को भी उस पर आपत्ति नहीं जतानी चाहिए। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के व्यवस्थापक को मैं कहना चाहूंगा कि वो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार चुके हैं। जल्द ही सीएम योगी उनका अच्छा इलाज करेंगे।

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