सोयाबीन और बासमती के समर्थन मूल्य की मांग, कांग्रेस आज करेगी विधानसभा का घेराव

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने एक वर्ष से अधिक समय हो गया, लेकिन चुनाव के समय जो वादे किए थे, अब तक पूरे नहीं हुए हैं। न तो उपज का उचित मूल्य मिला और न ही समय पर खाद-बीज। सरकार की नीतियों के कारण सोयाबीन राज्य का तमगा भी छिन गया और बासमती उत्पादक किसान औने-पौने दाम में उपज बेचने के लिए मजूबर हो रहे हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस सोमवार को भोपाल के रंगमहल चौराहे पर प्रदर्शन करेगी। वहां से विधानसभा घेराव के लिए कार्यकर्ता निकलेंगे।
 
सरकार को याद दिलाएंगे उनका वादा
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के संगठन प्रभारी अखिलेश शुक्ला, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सुखदेव पांसे, प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और विधायक दिनेश गुर्जर ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में बताया कि भाजपा सरकार को उसके वादे याद दिलाने के लिए विधानसभा का घेराव किया जाएगा। प्रदेश में स्थिति यह हो गई है कि कुछ लोगों के घरों से क्विंटलों सोना-चांदी निकल रहा है और किसान खाद एवं बीज तक को तरस रहा है। खरीफ 2024 में खाद की किल्लत के कारण किसान समय पर बोवनी नहीं कर सके और फसल उत्पादन प्रभावित हुआ। किसानों को उपज के दाम भी नहीं मिला और न ही मुआवजा।
किसानों से भाजपा ने घोषणा पत्र में वादा किया था कि गेहूं के 2,700 और धान के 3,100 रुपये देंगे, लेकिन इसे अब तक नहीं निभाया। समर्थन मूल्य पर दाना-दाना खरीदने का वादा किया जाता है, लेकिन गुणवत्ता को आधार बनाकर नमूने फेल कर दिए जाते हैं।
सोयाबीन उत्पादन में सिरमौर रहे मध्य प्रदेश में न उन्नत किस्म का बीज किसानों को मिला न ही समर्थन मूल्य मिला। बासमती धान 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से व्यापारी खरीद रहे हैं, इससे धान का लागत मूल्य तक नहीं निकल रहा है। किसानों से पांच हजार रुपये क्विंटल की दर से सरकार बासमती धान खरीदे। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मुआवजा भी ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर मिल रहा है। पार्टी की मांग है कि पटवारी हल्के के स्थान पर खेत को इकाई मानकर फसल बीमा किया जाए। अग्नि के कारण हुई क्षति को भी प्राकृतिक आपदा मानकर फसल बीमा में शामिल किया जाए। भूमि अधिग्रहण कानून का पूर्णता पालन ना करके सरकार किसानों की भूमि दोगुना मुआवजा देकर अधिग्रहित कर रही है, जबकि कानून चार गुना मुआवजे का है।

किसान न्याय योद्धा अभियान शुरू
पार्टी ने प्रदेश में किसान न्याय योद्धा अभियान की शुरुआत की। पार्टी नेता राहुल गांधी की भावना के अनुसार किसानों के हक की लड़ाई लड़ने गांव- गांव में योद्धा बनाए जाएंगे। हर जिले में 1000 किसान न्याय योद्धा बनने पर किसान न्याय यात्रा निकली जाएगी। इस अभियान को मजबूती देने प्रदेश में समिति बनाई गई है। इसके संयोजक राहुल राज, राम मनोहर बरुआ और कुलदीप पटेल होंगे।

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