भारत के सबसे साफ शहर में नहीं होगा कोई ट्रैफिक सिग्नल, AI की मदद से होगा कमाल, जानें मोहन सरकार का प्लान

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर
मध्य प्रदेश सरकार राज्य की व्यावसायिक राजधानी और देश के सबसे साफ शहर इंदौर को ट्रैफिक सिग्नल रहित शहर बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि यातायात प्रबंधन को स्मार्ट और अधिक कुशल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। शहरी विकास और आवास विभाग इंदौर को सिग्नल रहित शहर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य शहर में यातायात को निर्बाध रूप से संचालित करना है।

इस योजना के तहत फ्लाईओवर, बाईलेन, अंडरपास और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों को लागू किया जा रहा है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना के पूरा होने पर नागरिकों का यात्रा समय कम हो जाएगा और यातायात सुचारू रहेगा।
सुविधाजनक होगा शहरी यातायात

सिग्नल रहित योजना तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुविधाजनक बनाने और यात्रा समय को कम करने में मदद करेगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी मार्गों पर 1330 बसों का संचालन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पीएम ई-बस सेवा में 552 ई-बसों की खरीद का प्रस्ताव केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए बस डिपो अधोसंरचना के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए चार्जिंग अधोसंरचना के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा 217 ई-चार्जिंग अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।

योजना के तहत फ्लाईओवर, बाईलेन, अंडरपास और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों को लागू किया जा रहा है। योजना के पूरा होने पर नागरिकों की यात्रा का समय कम होगा और ट्रैफिक सुचारू रहेगा। इसमें कहा गया है कि सिग्नल फ्री योजना तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुगम बनाने और यात्रा समय को कम करने में मदद करेगी।

आधिकारिक विज्ञप्ति में यह भी जानकारी दी गई है कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर मध्य प्रदेश के शहरी मार्गों पर 1330 बसें चल रही हैं। शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पीएम ई-बस सेवा में 552 ई-बसों की खरीद का प्रस्ताव केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है।

यही नहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए बस डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और सागर के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुमानों को मंजूरी दी गई है। आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से 217 ई-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का काम किया जा रहा है।

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