नई दिल्ली
राजधानी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 18 मार्च को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होगा।इसके साथ ही दिल्ली में यह योजना लागू हो जाएगी और लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड जारी करने का काम शुरू हो जाएगा।
इसके दायरे में आएंगे साढ़े छह लाख परिवार
बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार ही अभी गरीब लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। ऐसे में दिल्ली में अभी करीब साढ़े छह लाख परिवार इसके दायरे में आएंगे।
इन सभी को मिलेगा लाभ
इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्करों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएमजेएवाई के तहत पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज का प्राविधान है।
सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा
इसके अलावा पांच साल रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। इस तरह लाभार्थियों को दस लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज मिल सकेगा। इससे गरीब व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को बड़ी राहत मिल सकेगी। उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। निजी अस्पतालों में वे आसानी से इलाज करा सकेंगे।
किन्नरों को भी मिलना चाहिए महिला सम्मान योजना का लाभ : ओपी शर्मा
पूर्वी दिल्ली में विश्वास नगर से भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने कहा कि महिला सम्मान योजना का लाभ दिल्ली के किन्नरों को भी मिलना चाहिए। यह समाज का उपक्षित वर्ग है। यह योजना महिलाओं से ज्यादा किन्नरों के लिए जरूरी होनी चाहिए। विधायक ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को पत्र लिखा है। विधायक ने कहा कि किन्नर लोगों के सामने हाथ फैलाकर मांगते हैं, जिससे वह अपना गुजर बसर करते हैं। उनके उत्थान के लिए कोई सरकारी योजनाएं नहीं है। दिल्ली में 27 वर्ष बाद भाजपा की सरकार आई है। सरकार महिलाओं को सम्मान राशि दे रही है, उस योजना पर किन्नरों का भी हक बनता है।
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