नई दिल्ली
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया। कांग्रेस के दिग्गज नेता राशिद अल्वी ने बुधवार मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि हमारी सरकार बनते ही वक्फ कानून को रद्द कर देंगे। राशिद अल्वी ने कहा, "लोकसभा में मैंने मंत्री का भाषण सुना। उन्होंने पूरे देश को गुमराह करने का काम किया है। आज का दिन भारत के इतिहास में काला दिन माना जाएगा। भाजपा और आरएसएस ने मिलकर जिस दिन बाबरी मस्जिद ढहाई थी, वो भी काला दिन था। एक बार फिर भाजपा की सरकार मुस्लिम दुश्मनी पर आमादा है। इतिहास में यह सरकार मुस्लिम दुश्मनी पर आमादा सरकार कहलाएगी। एनडीए में शामिल नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू अगर इस बिल का साथ देते हैं, तो वो भी मुस्लिम दुश्मनी में भाजपा के साथ खड़े कहलाएंगे।"
वक्फ संशोधन बिल से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होने वाले सरकार के दावों पर राशिद अल्वी ने पूछा, "क्या मंदिरों की कम्युनिटी में मुस्लिम शामिल होंगे? ऐसा एक कानून बनाइए, जिससे मंदिर की कम्युनिटी में मुस्लिम भी शामिल होंगे और मुस्लिम की कम्युनिटी में हिंदू शामिल होंगे।"
उन्होंने आरोप लगाया, "वक्फ के अंदर भाजपा और आरएसएस के लोग शामिल होंगे और वक्फ की संपत्ति को हड़पने का काम करेंगे।"
राशिद अल्वी ने दावा किया, "कानून पास होने के बाद प्रदर्शन करने का कोई मतलब नहीं रह जाता। भाजपा चाहती है कि मुसलमान प्रदर्शन करें और सड़कों पर उतरें। वो देश में शाहीन बाग जैसे हालात बनाना चाहते हैं, जिससे उन्हें ताकत मिलती है। भाजपा की सरकार जब तक है, वो प्रदर्शन करने वालों की बात नहीं सुनेगी। 2029 में हमारी सरकार आएगी और हम इस कानून को रद्द कर देंगे।"
सरकार के कांग्रेस पर मुसलमानों को गुमराह करने के आरोपों पर अल्वी ने कहा, "अगर कांग्रेस गुमराह कर रही है तो क्या टीएमसी, डीएमके और सपा समेत कई पार्टियां गुमराह कर रही हैं? क्या वक्फ बिल का विरोध करने वाली सारी पार्टियां भटका रही हैं? कांग्रेस पर आरोप लगाने की भाजपा की आदत रही है। कुछ सालों का मामला है, कांग्रेस की सरकार आते ही 'वक्फ संशोधन बिल' को हम पलट देंगे।"
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