भोपाल
मध्य प्रदेश के भोपाल में सीएम डॉ मोहन यादव ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है।
सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षण से व्यक्ति बनता है। प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण हुआ है प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। परिवार में, मित्रों के बीच व्यवहार की परीक्षा होगी। परीक्षा का दौर सतत चलता रहेगा। आप समझें हम हैं क्या, हम कर क्या रहे हैं। जल से बर्फ बनता है तो जल नहीं रह जाता है। बर्फ पिघला तब जल बनता है। दोनों के गुणधर्म अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा कि आपका अब नया अध्याय है। अब आप जल से बर्फ बनने जा रहे हैं। सबसे पहले खुद को खुद से जानें, आपकी नौकरी की आयु निश्चित है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों की कोई आयु नहीं है। ये समझना जरूरी है। सभी बातों का निचोड़ हमें ही निकालना है। दक्षता से अपने काम को निभाना है। आउट ऑफ बॉक्स सोचने की आदत डालें। हम हर पांच साल में परीक्षा देकर आते हैं। आप 35 साल तक रहेंगे।
इस कार्यक्रम में 25 डिप्टी कलेक्टर, 22 डीएसपी और 36 नायब तहसीलदार प्रशिक्षण शामिल हुए है। आपको बता दें कि राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 83 चयनित अफसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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