भोपाल
संगठन के सशक्तीकरण के लिए कांग्रेस अब नई टीम को मैदान में उतार रही है। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन के बाद अब जिला इकाइयों के अध्यक्ष बदले जाएंगे। अगले माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होगी।
इसमें उन अध्यक्षों के स्थान पर पहले नई नियुक्तियां होंगी, जहां बरसों से एक ही व्यक्ति अध्यक्ष है। इसमें देवास, सतना, उज्जैन, उमरिया शामिल हैं। पार्टी ने तय किया है कि सहमति बनाकर नए लोगों को अवसर दिया जाएगा। आधे से अधिक पदाधिकारी 50 वर्ष से कम आयु के बनाए जाएंगे।
कमल नाथ के समय के अधिकांश जिलाध्यक्ष
अधिकतर जिलाध्यक्ष तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के समय नियुक्त किए गए थे। कांग्रेस ने वर्ष 2025 को संगठन वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें संगठन को मजबूत बनाने के लिए नई टीम बनाई जा रही है।
नए चेहरों को अवसर दिया जा रहा है। चुनाव से लेकर बूथ प्रबंधन तक के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। अब जिला इकाइयों में आगामी चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए परिवर्तन किया जा रहा है।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नए लोगों को मौका दिया जा रहा है। ऐसा ही मध्य प्रदेश में भी आम सहमति बनाकर किया जाएगा। नई नियुक्तियां इसी को ध्यान में रखकर की जाएंगी।
अहमदाबाद में आज से राष्ट्रीय अधिवेशन
मंगलवार और बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जिला अध्यक्षों की भूमिका बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। इसके बाद प्रदेश में परिवर्तन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष कह चुके हैं कि मई अंत तक आवश्यकता के अनुसार जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे। जिला हो या फिर ब्लाक इकाई, परिवर्तन का आधार केवल समयावधि नहीं बल्कि संगठन की स्थिति भी बनेगी।
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