अंबाला छावनी में चल रहे थे गैर कानूनी तरीके से चलने वाले 18 स्कूल चिन्हित, शिक्षा विभाग ने की कारवाई

राज्य

अंबाला
आज के इस दौर में हर कोई अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे निजी स्कूलों में दाखिला करवरकर पढ़ाना चाह रहे हैं। बहुत से स्कूल ऐसे हैं जिनके पास मान्यता ही नहीं है गैर कानूनी तरीके से शिक्षा के नाम पर लोगों को लूट रहे हैं।

अंबाला छावनी में शिक्षा विभाग ने गैर कानूनी तरीके से चलने वाले 18 स्कूल चिन्हित किए हैं। अंबाला शहर, नारायणगढ़,बराड़ा, साहा इलाकों में भी गैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों की संख्या कम नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार अंबाला ब्लॉक वन की बात की जाए तो सबसे पहले दव पब्लिक स्कूल मॉडल टाउन, संत कबीर विद्या मंदिर कलेरां, देहरा पब्लिक स्कूल कंगवाल, शिव शिक्षा निकेतन कंगवाल, जसवंती पब्लिक स्कूल फजेलपुर,शिव प्राइमरी स्कूल मोहड़ा, संत वशिष्ठ पब्लिक स्कूल बंबा, इंपीरियल कान्वेंट प्राइमरी स्कूल बलदेव नगर एयर फोर्स स्कूल बकनौर शांतिनिकेतन और मदर प्राइड स्कूल रणजीत नगर के साथ अंबाला ब्लॉक 2 के पुष्पदीप मॉडल स्कूल करधन रोड, सिल्वर हार्ट स्कूल डिफेंस एनक्लेव, एस एस लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल नजदीक मच्छी मोहल्ला, रूटस पब्लिक स्कूल तोपखाना बाजार, दयाराम मेमोरियल स्कूल कांवला, लिटिल किंगडम पब्लिक स्कूल आदित्य विहार, किड्स वाटिका सुलतानपुर, केपीबी इंटरनेशनल स्कूल विकास विहार, कॉर्नरस्टोन किंगस स्कूल फ्लैग माजरा, आर्मी पब्लिक स्कूल प्राइमरी अतुल्य डिफेंस स्कूल डिफेंस कॉलोनी इसके साथ-साथ अंबाला छावनी के कई और स्कूलों के नाम भी बताए जा रहे हैं।

वहीं साहा ब्लॉक के रवि आदर्श मिडिल स्कूल नौहनी ,बालाजी मिडिल स्कूल पिलखनी,एयर फोर्स स्कूल कालपी, स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर हल्दरी एवं करियर डिफेंस एकेडमी कालपी बराड़ा ब्लॉक के बाबा बालक नाथ स्कूल मुलाना मेरीगोल्ड स्कूल बराड़ा, बबली मॉडल स्कूल, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल अधोया एवं लिटिल हेवन पब्लिक स्कूल उगला और नारायणगढ़ ब्लॉक  से रॉयल इंटरनेशनल स्कूल इन सभी स्कूलों के पास स्कूल चलाने के लिए मान्यता नहीं है।

 अंबाला छावनी इलाके में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चेतावनी देने पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी सुदेश ने जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला छावनी इलाके में कुछ स्कूल ऐसे चल रहे हैं जिनके पास मान्यता नहीं है। इनमें आज दौरा किया है और इनको चेतावनी दी गई है कि इन बच्चों को या तो सरकारी स्कूल में या फिर मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिफ्ट किया जाए वहीं इस तरह के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी बताया गया है कि स्कूल के पास मानता नहीं है।
 
परिजनों को वह बताएं और अपना दाखिला किसी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में करवाएं। अंबाला छावनी में पहले ऐसे 8 या 9 स्कूल थे जो गैर मान्यता प्राप्त थे जांच की गई तो पाया की करीब 18 स्कूल ऐसे है जिनके पास मान्यता नहीं है कुछ स्कूल ऐसे हैं जो क्रैच के लिए मान्यता प्राप्त है  वो फर्स्ट और सेकंड का एडमिशन करके स्कूल चला रहे थे अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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