ग्वालियर
देश के सबसे चर्चित तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद की जांच अब ग्वालियर तक पहुंच गई है। इस मामले में CBI और SIT की चार सदस्यीय टीम ग्वालियर के दाल बाजार पहुंची है, जहां उन्होंने तेल और घी व्यापारियों से पूछताछ की और नोटिस देकर तलब किया।
देश के सबसे चर्चित तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बीयुक्त तेल और घी मिलाने के तार ग्वालियर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इसी को लेकर दक्षिण भारत से CBI और SIT की जांच टीम ग्वालियर पहुंची है। बताया जा रहा है कि इस जांच में चार सदस्य हैं और वह सबसे पहले ग्वालियर के दाल बाजार में स्थित कारोबारियों के पास पहुंचे, जब इस बात की सूचना का पता लगा तो हड़कंप मच गया। सीबीआई की ये चार सदस्यीय टीम ने दाल बाजार के कुछ तेल और घी कारोबारी को नोटिस देकर तलब किया है। बता दें कि सीबीआई और एसआईटी टीम दो दिन से ग्वालियर में है। कुछ व्यापारी सीबीआई की एसआईटी के बुलाने पर भी नहीं आए तो इंदरगंज थाना पुलिस की मदद से उनको थाने लाकर पूछताछ की गई है। सीबीआई के ग्वालियर आने के बाद से दाल बाजार में कई फर्म के दफ्तर तक नहीं खुले हैं। कुछ खुले हैं तो वहां के मालिक लापता हैं।
दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक जांच
तिरुपति बालाजी प्रसाद कांड में सीबीआई दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक कार्रवाई कर रही है। दो दिन से सेन्ट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की एसआईटी ग्वालियर के दाल बाजार के आसपास डेरा जमाए हुए है। पता लगा है कि सीबीआई सीपी ट्रेडिंग कंपनी मैना वाली गली के नितिन अग्रवाल उर्फ मोनू, व्यापारी मोहित अग्रवाल, अजीत कुमार राकेश कुमार के वारंट लेकर आई है। इन सभी कारोबारियों का घी और तेल का व्यवसाय है।
अभी जारी रहेग छानबीन
दक्षिण भारत से आई सीबीआई टीम ने पहले दिन कुछ व्यापारियों को नोटिस देकर तलब किया था, लेकिन व्यापारी डर के चलते नहीं पहुंचे। अपने प्रतिष्ठान से गायब भी हो गए। इस पर सीबीआई ने ग्वालियर के इंदरगंज सर्कल के सीएसपी रोबिन जैन और कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी मिश्रा से संपर्क कर मदद के लिए कहा। जिस पर इंदरगंज थाना और कोतवाली थाना पुलिस की मदद से इन व्यापारियों को सीबीआई के सामने पेश किया गया है। जानकारी के अनुसार सीबीआई टीम ग्वालियर में अभी दो से तीन दिन और छानबीन करेगी। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए वह अपने साथ भी ले जा सकती है।
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