आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने रक्षा मंत्री को सलाह दी कि हम तो रक्षा मंत्री से भी कहेंगे कि हमारी शक्ति का सदुपयोग करें

फर्श से अर्श तक

छतरपुर
 जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों को मार दिया गया. जबकि कई टूरिस्ट घायल हुए थे. इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश है. आम जनता से लेकर तमाम पॉलिटिकल पार्टी, सेलिब्रिटी आतंकी घटना का विरोध जता रहे हैं और मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. वहीं इस घटना पर छतरपुर के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री भी अपनी प्रतिक्रिया पहले दे चुके हैं. अब उन्होंने देश के रक्षा मंत्री को अपनी शक्तियों की मदद लेने की बात कही है.

देश के हित में अपनी शक्तियां लगाएंगे धीरेंद्र शास्त्री

नरसिंहपुर जिले में भक्तों को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने बयान दिया. जहां उन्होंने कहा कि "हम तो देश के रक्षा मंत्री को भी कहेंगे, आप हमारी शक्ति की मदद ले सकते हैं. इस बीच उन्होंने कहा देखो मैं ऑफिशियल अफसर तो नहीं बन सकते, क्योंकि पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन हमारे पास जो चेतना है और हनुमानजी की कृपा है, आप उसका सदुपयोग करिए. आने वाले समय में कहां कौन सी संभावित घटना हो सकती है, उस पर आप हमारी शक्ति का सदुपयोग करिए.

इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा लेकिन मैं अपनी शक्तियों को गोपनीय तरीकों से बताऊंगा, क्योंकि खुलकर बताएंगे, तो कई मुझे ही उड़ा देगा. उन्होंने कहा कि गोपनीय तरीके से वह राष्ट्रहित में काम शुरू कर रहे हैं, जिससे देश का भला हो. उन्होंने कहा कि सिर्फ मन की बता बता देने भर से राष्ट्र का भला होने वाला नहीं है.
पहलगाम आतंकी हमले पर धीरेंद्र शास्त्री का बयान

बता दें पहलगाम आतंकी घटना पर धीरेंद्र शास्त्री पहले भी विरोध जता चुके हैं. उन्होंने कहा था कि " पहलगाम में जो घटना घटी, वो इस सदी की सबसे निंदनीय घटना है. आंतकियों ने ये नहीं पूछा कि तुम ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो या सेवक हो. उन्होंने ये नहीं पूछा कि तुम एससी, एसटी, ओबीसी या सवर्ण हो, बल्कि उन्होंने पूछा कि तुम हिंदू हो और गोली मार दी. उन्होंने कहा इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा. हिंदूओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये हो गई है कि हिंदुस्तान में हिंदू होना खतरा है.

प्रदीप बोले-शस्त्र जरूरी

धीरेंद्र शास्त्री के अलावा पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी "हिंदुओं की सजग रहने रहने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि हिंदुओं के घर में शास्त्र न हो, लेकिन शस्त्र जरूर होना चाहिए. हमारे सनातन धर्म के किसी भी देवता के हाथ खाली नहीं होते, फिर हमारा घर क्यों खाली हो?"

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