नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से 4 मई को होने वाला मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट- NEET (UG) में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार राज्यों के साथ मिलकर प्लान बनाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों के डीएम और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कई स्तर की बैठकें की हैं। इस बार क्वेश्चन पेपर और OMR शीट सेंटरों तक पहुंचाने में पुलिस की भी मदद ली जाएगी।
इसके अलावा कोचिंग सेंटरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है। 2024 के एग्जाम में नीट का पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आई थी। अब सभी राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्लान पर काम किया जा रहा है।
इस बार देश भर में नीट एग्जाम के लिए जो 5500 सेंटर बनाए गए हैं, उन सभी का निरीक्षण तो किया ही जा रहा है, साथ ही एग्जाम वाले दिन वहां पर एनटीए अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बंदोबस्त भी रहेगा। जिला स्तर पर बनाई गई कमिटी अपने-अपने दायरे में आने वाले हर सेंटर को देखेगी, पुलिस भी सेंटरों पर नजर रखेगी। सेंटरों पर परीक्षा से जुड़ी गोपनीय दस्तावेज पहुंचाने में भी पुलिस की मदद ली जाएगी।
डीएम और एसपी करेंगे सेंटर पर विजिट:
अगर पुलिस, जिला स्तरीय कमिटी को कोई भी संदेह होता है तो फिर उस जगह का औचक निरीक्षण किया जाएगा। एग्जाम सेंटरों पर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट भी निरीक्षण के लिए जाएंगे। सेंटरों पर तैयारियों की समीक्षा के लिए डीएम और एसपी विजिट करेंगे। एनटीए के सूत्रों का कहना है कि 2024 में जो भी शिकायतें सामने आई थीं, उनका आकलन करने के बाद यह प्लान बनाया गया है। इस बार ज्यादातर सेंटर सरकारी स्कूलों और संस्थानों में बनाए गए हैं। संदिग्ध दावों की रिपोर्टिंग के लिए एनटीए ने खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया है।
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