जोधपुर
शहर की मंडोर मंडी स्थित एक मकान में नकली नोट छापने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। डीएसटी ईस्ट टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 लाख 50 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। साथ ही मौके से नोट छापने की मशीनें, कलर प्रिंटर, सॉफ्टवेयर, विशेष प्रकार का कागज, स्टीकर, रंग और रसायन भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रवण आचार्य को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त था और मंडी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में नकली नोट खपाने का प्रयास करता था। सूचना मिलने पर डीसीपी ईस्ट आलोक श्रीवास्तव स्वयं मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की निगरानी की। छापेमारी महामंदिर थाना क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी के मकान से नकली नोट बनाने से जुड़ा पूरा सेटअप बरामद हुआ।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क जोधपुर के अलावा अन्य जिलों में भी फैला हो सकता है। डीसीपी श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके बयान के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार यह गिरोह मंडी में आने वाले ग्रामीणों को निशाना बनाकर 500 रुपये के नकली नोट खपाने की फिराक में था। ये ग्रामीण अपने उत्पाद बेचने या किराने का सामान खरीदने आते हैं और अक्सर नकली नोटों की पहचान नहीं कर पाते। हालांकि इससे पहले ही डीएसटी टीम ने कार्रवाई कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
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