जमशेदपुर
झारखंड के जमशेदपुर में बीते शनिवार को एक सरकारी अस्पताल की बालकनी का एक हिस्सा गिरने से 3 मरीजों की मौत होने की खबर है, जबकि 1 अन्य मरीज के मलबे में दबे होने की आशंका है। वहीं, इस हादसे पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने हेमंत सरकार पर हमला बोला है।
"एक बिल्डिंग नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम ही कोलैप्स कर चुका है"
चंपई सोरेन ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में बिल्डिंग का एक हिस्सा ढहने से 2 मरीजों की मौत एवं कुछ लोगों के घायल होने की दुखद सूचना मिली है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।” चंपई सोरेन ने आगे कहा कि अस्पताल जैसे स्थान पर जहां लोग इलाज के लिए जाते हैं, वहां इस तरह की दुर्घटना बेहद चिंताजनक है। चंपई सोरेन ने तीखा आरोप लगाते हुए लिखा, “यह सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम ही कोलैप्स कर चुका है।” चंपई सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही इसका कारण है। “यह सरकार पहले से ऐसे सरकारी भवनों का सर्वे नहीं करवाती, बल्कि दुर्घटनाओं के बाद जांच के नाम पर खानापूर्ति कर के चुप बैठ जाती है, अगली दुर्घटना के इंतजार में…”।
बता दें कि साकची इलाके में एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग की दूसरी मंजिल पर शाम करीब 4 बजे यह घटना हुई और कुल 15 लोग मलबे में फंस गए। पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त अनन्या मित्तल ने बताया कि देर शाम मलबे से 2 शव बरामद किए गए और एक अन्य व्यक्ति के अभी भी दबे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान जारी है। मित्तल के मुताबिक, घटनास्थल से पहले बचाए गए 12 लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है और उसे 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं, मंत्री इरफान अंसारी ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
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