सऊदी अरब
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार दिवसीय पश्चिम एशिया दौरे के तहत सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। रियाद एयरपोर्ट पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से गति देने की कोशिशें हो रही हैं।
आर्थिक सहयोग की उम्मीद
डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा, तेल और तकनीक के क्षेत्र में अरबों डॉलर के समझौते हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में दोनों पक्ष कई निवेश योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।
ईरान, गाज़ा और तेल जैसे मुद्दे
हालांकि औपचारिक कार्यक्रमों के इतर, बंद दरवाजों के पीछे गाज़ा में चल रहे युद्ध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की वैश्विक कीमतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इन मुद्दों पर खाड़ी देशों के साथ अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है।
कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप
सऊदी अरब के बाद ट्रंप कतर और संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ भविष्य में ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश को लेकर बड़ी साझेदारियों की उम्मीद कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध काफी नजदीकी रहे थे। उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी रियाद से शुरू किया था। उस समय दोनों देशों के बीच करीब 110 अरब डॉलर की रक्षा डील हुई थी। ट्रंप का यह दौरा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका अभी भी एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहना चाहता है। साथ ही, यह दौरा आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मज़बूती देने का प्रयास माना जा रहा है।
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