आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर हुई सहमति: एस जयशंकर

देश

नई दिल्ली
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बियाटे मींल-रेसिंगर से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से बातचीत की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के साथ आज हुई बातचीत की सराहना करता हूं। उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर सहमति हुई। हमारे बेहतरीन द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई।''
वहीं, ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। ऑस्ट्रिया और भारत अपने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ऑस्ट्रिया की निंदा दोहराई और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पाकिस्तान के साथ सीजफायर का स्वागत किया।''
उन्होंने आगे लिखा, ''हमने यूक्रेन में शांति के लिए सामूहिक प्रयासों पर भी चर्चा की और मैंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि रूस हिंसा बंद करे और सीजफायर पर सहमत हो।''
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। भारत की तीनों सेनाएं, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, भारत के अर्धसैनिक बल लगातार अलर्ट पर हैं।
उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।

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