भारत के निर्यात में इन 4 सेक्टर्स का 50% से ज्यादा योगदान, रंग ला रही मोदी सरकार की कोशिशें

बिज़नेस

नई दिल्ली
साल 2024-25 में भारत के निर्यात में कृषि, दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई। इन चारों क्षेत्रों ने मिलकर कुल निर्यात का 50% से ज्यादा योगदान दिया। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि माेदी सरकार की देश का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की कोशिशें रंग ला रही हैं।

यहां हर सेक्टर का हाल जानिए

इंजीनियरिंग सेक्टर: पीटीआई के मुताबिक इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात सालाना आधार पर 6.74 प्रतिशत बढ़कर 116.67 अरब डॉलर हो गया। यह सबसे आगे रहा, जो कुल निर्यात (437.42 अरब डॉलर) का 26.67% हिस्सा है। इंजीनियरिंग सामानों के लिए मुख्य निर्यात गंतव्य अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब, ब्रिटेन और जर्मनी रहे। पिछले 3 सालों से यह 100 अरब डॉलर के पार बना हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक्स : सबसे अधिक 32.46 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई जो 2023-24 में 29.12 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 38.58 अरब डॉलर हो गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 23.6 अरब डॉलर और 2021-22 में 15.7 अरब डॉलर था। इसमें कंप्यूटर हार्डवेयर तथा पेरिफेरल्स (जिसकी इस क्षेत्र में 3.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है) में 101 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.7 अरब डॉलर से दोगुना होकर 1.4 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए मुख्य गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, नीदरलैंड, ब्रिटेन और इटली थे।

दवाएं और फार्मा: इस सेक्टर का निर्यात 9.4% बढ़कर 30.47 अरब डॉलर हुआ। अमेरिकी डॉलर से अधिक बना हुआ है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की दवाएं एवं औषधि अब 200 से अधिक देशों तक पहुंच रही हैं।

कृषि और समुद्री उत्पाद: 2023-24 में 4.25 अरब डॉलर से 2024-25 में मसालों का निर्यात मामूली रूप से बढ़कर 4.45 अरब डॉलर हो गया। प्रमुख निर्यात गंतव्यों में चीन, अमेरिका, यूएई, बांग्लादेश और थाईलैंड शामिल हैं, जहां मिर्च, जीरा, हल्दी और अदरक जैसे उत्पाद का निर्यात सबसे अधिक किया गया। इसमें 7.36% बढ़ोतरी के साथ 51.86 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। मसालों में थोड़ी बढ़त (4.45 अरब), कॉफी निर्यात छलांग (1.81 अरब), चावल ने रिकॉर्ड तोड़ा (12.5 अरब डॉलर)।

भारत ने दो श्रेणियों के तहत अंगूर, अनार, आम, केले, संतरे, प्याज, आलू, टमाटर, मिश्रित सब्जियां और हरी मिर्च का निर्यात किया। बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, नेपाल और मलेशिया सबसे बड़े आयातक में शामिल थे।

कुछ दिलचस्प आंकड़े
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक है, जिसके प्रमुख निर्यात गंतव्यों में यूएई, बेल्जियम, इंडोनेशिया, मिस्र, अमेरिका और तुर्किऐ शामिल हैं।2024-25 में 1.98 अरब डॉलर का निर्यात।

 समुद्री उत्पाद अब 130 देशों में जाते हैं (2014-15 में 105)।

चावल निर्यात में भारत का दबदबा: वैश्विक बाजार का 40% हिस्सा। भारत का चावल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 12.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 10.4 अरब डॉलर था। इससे देश लगभग 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। इसके प्रमुख गंतव्यों में सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, अमेरिका और यमन शामिल थे। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि अलग-अलग सेक्टर में भारत की ताकत बढ़ रही है। निर्यात बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry