उत्तर प्रदेश में अवैध शराब माफियाओं पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय स्तर पर अपमिश्रित ज़हरीली शराब का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह ENA/Rectified Spirit की अवैध आपूर्ति कर ज़हरीली शराब बनाने में लिप्त था। गिरफ्तार आरोपियों में सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी को उधमसिंह नगर, उत्तराखंड से पकड़ा गया, जबकि उसके साथी गुड्डू, रामसिंह और सुनील कुमार को बिजनौर से दबोचा गया।

शराब बनाने के लिए स्प्रिट का करते थे प्रयोग
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में रेक्टिफाइड स्प्रिट, अपमिश्रित शराब से भरे केन, खाली कांच की बोतलें, तीन चारपहिया वाहन और अन्य सामान बरामद किया है। एसटीएफ को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जब टीम को जानकारी मिली कि काशीपुर-हरिद्वार रोड स्थित मां जगदम्बा ढाबे पर रेक्टिफाइड स्प्रिट कंटेनरों से निकाली जा रही है। यह स्प्रिट दवा कंपनियों को भेजी जानी थी, लेकिन मिलभगत से इसे अवैध शराब निर्माण में प्रयोग किया जा रहा था।

पूछताछ में खुले ये राज
STF की पूछताछ में सरगना सुखविंद्र ने बताया कि वह मूल रूप से बस चालक था और अपने परिचित सतनाम सिंह से इस अवैध धंधे में जुड़ा। सतनाम की मृत्यु के बाद उसने खुद इसका संचालन शुरू किया। ट्रैकर चालक गुड्डू, जो IGL केमिकल फैक्ट्री से स्प्रिट लाता था, इस धंधे में उसका सहयोगी बन गया।

स्प्रिट को अवैध तरीके से निकालकर ढाबे के पास उतारा जाता था, जहां से रामसिंह और अन्य सहयोगी इसे फैला देते थे। रामसिंह ने कबूल किया कि वह पहले भी कच्ची शराब बनाने के मामलों में जेल जा चुका है और अब सेठी से स्प्रिट लेकर स्वयं शराब बनाता और बेचता था। वहीं, गुड्डू ने बताया कि वह कंपनी कर्मचारी भूप सिंह से मिलीभगत कर स्प्रिट की निर्धारित मात्रा से अधिक लोड करवाता था और इसे ढाबे पर बेचता था।

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