पूजा ने ऊंची कूद में जीता गोल्ड, गुलवीर सिंह ने रिकॉर्ड कायम कर जीता दूसरा गोल्ड

खेल

गुमी

दक्षिण कोरिया के गुमी में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का चौथा दिन भारतीय महिला एथलीटों के लिए एक उल्लेखनीय दिन रहा, जिन्होंने 2 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक जीता. कुल मिलाकर, भारतीय एथलीटों ने 4 स्पर्धाओं में पोडियम फिनिश हासिल की और अपने प्रदर्शन से 4 अविश्वसनीय कहानियां लिखीं. लेकिन, इसमें सबसे प्रेरणादायक कहानी पूजा की रही है, जिन्होंने काफी संघर्षों का सामना करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

पूजा ने ऊंची कूद में स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास
18 वर्षीय पूजा ने महिलाओं की ऊंची कूद में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता, जो 2000 में बॉबी एलॉयसियस की जीत के बाद से पहला स्वर्ण पदक है. युवा खिलाड़ी ने अपना खुद का अंडर-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन 2012 में सहाना कुमारी द्वारा बनाए गए 1.92 मीटर के सीनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गईं.

पराली को लैंडिग एरिया बनाकर की शुरुआत
2007 में हरियाणा के फतेहाबाद जिले के बोस्ती गांव में जन्मीं पूजा की कहानी काफी प्रेरणादायक है. राजमिस्त्री हंसराज की बेटी पूजा की शुरुआती ट्रेनिंग सुविधाएं बहुत साधारण थीं. पूजा ने बांस के डंडों और पराली से भरी बोरियों से बने लैंडिंग एरिया का उपयोग करके कूदना सीखा. यहां से लेकर रिकॉर्ड बुक तक, पूजा ने एक ऐसी जगह से अपना नाम बनाया, जहां सपने साधारण होते हैं और ऊंची कूद कभी लिस्ट में नहीं आती. लेकिन, पूजा ने अपने दृढ़ संकल्प से अपने सपने को पूरा किया.

इवेंट शुरू होने से पहले फटे जूते
संघर्ष एक खिलाड़ी की यात्रा का अभिन्न अंग है और पूजा के लिए यह प्रतियोगिता के पहले दिन खत्म नहीं हुआ. अभ्यास के दौरान उनके स्पाइक्स फट गए, लेकिन इससे वे नहीं रुकीं. उन्होंने उन्हें पट्टियों से लपेटा और उन्हें एक साथ जोड़कर इतिहास रच दिया और सबसे कम उम्र की एशियाई चैंपियन बन गईं.

भारत ने चौथे दिन जीते 4 मेडल
एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के चौथे दिन, शुक्रवार को भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह (5000 मीटर), पूजा (ऊंची कूद) और नंदिनी अगासरा (हेप्टाथलॉन) ने अपने-अपने इवेंट में स्वर्ण पदक जीते. साथ ही, पारुल चौधरी ने 3000 मीटर स्टीपलचेज का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा.

गुलवीर इस प्रदर्शन के साथ महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों के एलीट समूह में शामिल हो गए. इससे पहले गोपाल सैनी (1981), बहादुर प्रसाद (1993) और जी लक्ष्मणन (2017) ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते हैं. उत्तर प्रदेश के अतरौली के 26 वर्षीय खिलाड़ी ने 2023 सत्र में भी कांस्य पदक जीता था. महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में हालांकि भारत को थोड़ी निराशा हुई, जहां गत चैंपियन पारुल चौधरी को रजत से संतोष करना पड़ा.

पारुण ने नौ मिनट 12.46 सेकेंड का समय लिया और कजाकिस्तान की नोरा जेरुतो तनुई (नौ मिनट 10.46 सेकेंड) से पिछड़ गई. कांस्य भी कजाखस्तान की डेजी जेपकेमी (नौ मिनट 27.51 सेकेंड) के खाते में गया. प्रतियोगिता में अब भारत के पदकों की संख्या 17 (सात स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य) हो गई है.

इससे पहले भारत की चार गुणा 100 मीटर पुरुष रिले टीम प्रारंभिक दौर के दौरान गलत ‘बैटन एक्सचेंज' के कारण अयोग्य घोषित कर दी गई लेकिन सचिन यादव और यशवीर सिंह ने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम के साथ एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पुरुष भाला फेंक फाइनल में जगह बनाई.

प्रणव प्रमोद गौरव, रागुल कुमार गणेश, मणिकांत होबलीधर और अमलान बोरगोहेन की चौकड़ी को विश्व एथलेटिक्स के तकनीकी नियम 24.7 का उल्लंघन करते हुए ‘टेकओवर' क्षेत्र के बाहर ‘बैटन एक्सचेंज' (दूसरे खिलाड़ी को बैटन देना) का दोषी पाए जाने के बाद प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया. मलेशिया की टीम को भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए अयोग्य घोषित किया गया.

भारतीय दल के लिए हालांकि अच्छी खबर यह रही कि सचिन और यशवीर 12 पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए. सचिन ने 79.62 मीटर की दूरी तय करके पांचवां स्थान हासिल किया जबकि यशवीर ने 76.67 मीटर की दूरी तय करके शनिवार के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया.

नदीम इसमें शीर्ष पर रहे. पिछले साल पेरिस ओलंपिक में 92.97 मीटर से स्वर्ण जीतने के बाद पहली प्रतियोगिता में भाग ले रहे इस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग राउंड में 86.34 मीटर की दूरी हासिल की.

भारतीय खिलाड़ियों से जुड़ी अन्य स्पर्धाओं में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण विजेता ज्योति याराजी और नित्या गांधे ने अपनी हीट में क्रमशः 23.74 सेकंड और 23.77 सेकंड का समय लेकर 200 मीटर के फाइनल में प्रवेश किया.

अनिमेष कुजूर ने पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में अपनी प्रारंभिक दौड़ में 20.98 सेकंड का समय लेकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया.

नंदिनी अगसारा हेप्टाथलॉन में पांच स्पर्धाओं के अंत में अपने अंकों की संख्या 4500 तक पहुंचा स्वर्ण पदक की दौड़ में बनी हुई है. वह आज सुबह आयोजित लंबी कूद में 6.13 मीटर की दूरी तय करके शीर्ष पर रही.

वह चीन की लियू जिंगी से आगे चल रही हैं जिनके 4210 अंक हैं. आज शाम को केवल भाला फेंक और 800 मीटर स्पर्धाएं पूरी होनी बाकी हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry