नई दिल्ली/गोरखपुर/ लखनऊ
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा देश के पांच राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसी द्वारा आंतकवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचना को लेकर 5 राज्यों के कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी हो रही है।एनआईए द्वारा जिन राज्यों में छापेमारी हो रही है, उनमें उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल समेत कुल पांच राज्य शामिल हैं।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में भी बीती रात से छापेमारी हो रही है।
जानकारी के मुताबिक एनआईए की छापेमारी किसी बड़े वित्तीय लेन-देन, टेरर फंडिंग समेत संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े मामले में हो रही है।हालांकि, NIA ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र के रावतडाड़ी गांव में शनिवार तड़के 4 बजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहुंची। एनआईए टीम ने गांव में पहुंचकर पन्ना लाल यादव के घर पर अचानक छापेमारी शुरू की। एनआईए टीम को देखर इलाके में सनसनी फैल गई। यह गोपनीय ऑपरेशन इतना चौंकाने वाला था कि स्थानीय लोग और पड़ोसी हैरत में पड़ गए। आखिर क्या है इस छापेमारी का राज? और क्यों NIA की नजर पन्ना लाल और उनके परिवार पर पड़ी?
गोरखपुर की ही तरह उत्तर प्रदेश, असम, बंगाल समेत 5 राज्यों के 15 जगहों पर एनआईए टीम छापेमारी कर रही है। एनआईए की इस छापेमारी में क्या कुछ सामने आता है, ये देखने वाली बात होगी।
परिवार ने लगाया बदसलूकी का आरोप
पन्नेलाल यादव के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया से बातचीत में कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग का आरोप लगाया। परिवार घर में मौजूद महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगा रहा है। दीपक ने दावा किया कि 6 घंटे की कड़ी पूछताछ के बावजूद टीम को कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पन्नेलाल के बड़े बेटे अमन यादव ने भी परिवार पर हुए कथित उत्पीड़न की शिकायत की। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ऐसी किसी बात से इनकार कर रही है। कार्रवाई के दौरान पूरे समय खजनी थाने की पुलिस भी टीम के साथ रही।
लखनऊ से आई विशेष टीम
छापेमारी का नेतृत्व लखनऊ से आई विशेष टीम ने किया, जिसके प्रमुख राजेश कुमार पांडेय थे। उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह सहित स्थानीय पुलिस मौजूद रही।
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