बालाघाट
बालाघाट पुलिस ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. जवानों ने सर्चिंग के दौरान आईडी बनाने हेतु जमा की गई विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है. पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों और आम नागरिकों के जान-माल को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ये विस्फोटक सामग्री जमा किया था. लेकिन सुरक्षा बलों ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है.
नक्सलियों द्वारा आईईडी बनाने हेतु जमा की गई सामग्री बरामद
जिले के लांजी थाना अंतर्गत देवरबेली चौकी के ग्राम नरपी के समीप गढ़ी टिकरा जंगल में सर्चिंग के दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने नक्सलियों द्वारा आईईडी बनाने हेतु जमा की गई सामग्री बरामद की है. पुलिस के अनुसार "सर्चिंग के दौरान जंगल में दो पत्थरों के मध्य प्लास्टिक का कंटेनर छिपा दिखाई दिया. कंटेनर संदोहास्पद लगने पर पुलिस की बीडीडीएस टीम ने कंटेनर को चेक किया, जिसमें आईईडी बनाने की सामग्री जैसे इलेक्ट्रिक वायर, ट्रिप वायर, केमिकल रेड ऑक्साइड, पोटेशियम परमैंगनेट और ग्लिसरीन आदि बरामद की गई. जिसके बाद लांजी पुलिस ने अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है."
बता दें कि भारत सरकार द्वारा नक्सल उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर मार्च 2026 की तारीख तय कर दी गई है. निर्धारित समय अवधि के बाद देश से पूरी तरह नक्सलवाद का सफाया तय माना जा रहा है. जिस तरह से सुरक्षा बल के जवानों ने बीते दिनों नक्सलियों के एनकाउंटर किए हैं, उसके बाद से नक्सलियों के आत्मसमर्पण की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं. सुरक्षा बलों ने अब नक्सलवाद की कमर तोड़कर रख दी है.
नक्सल उन्मूलन को लेकर लगातार चलाया जा रहा है अभियान
अब बालाघाट को भी अति नक्सल प्रभावित की श्रेणी से हटा दिया गया है क्योंकि यहां पर भी नक्सल उन्मूलन को लेकर जिस तरह से सुरक्षा बल के द्वारा लगातार अभियान चलाया गया है. जिसके चलते नक्सली यहां पूरी तरह से बैक फुट पर नजर आने लगे हैं. हालांकि अपनी उपस्थिति का एहसास कराने के लिए पोस्टर लगाकर लोगों के बीच अपनी दहशत बनाए रखने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं.
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