सरकारी बैंक का ग्राहकों को तोहफा, मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना करने पर अब से नहीं लगेगा कोई चार्ज

बिज़नेस

नई दिल्ली
 बैंक अकाउंट में अगर मिनिमम बैलेंस न हो तो बैंक उसके बदले में एक निश्चित रकम काट लेते हैं। ऐसे में बैंक के ग्राहकों को उस समय बहुत परेशानी होती है जब इमरजेंसी में उन्हें अकाउंट में जमा मिनिमम रकम का भी इस्तेमाल करना पड़ जाता है। लेकिन एक सरकारी बैंक ने अब इससे अपने ग्राहकों को आजादी दी है। यह बैंक कोई और नहीं बल्कि केनरा बैंक है।

केनरा बैंक के ग्राहकों को अब अपने सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की कोई जरूरत नहीं होगी। 1 जून से यह नियम लागू हो गया है। केनरा बैंक के रेगुलर, सैलरी और NRI खातों सहित सभी तरह के अकाउंट पर एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) मेंटेन न करने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा।

एक्स पर दी जानकारी

केनरा बैंक ने इसके बारे में जानकारी सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी है। इसमें बैंक ने लिखा है कि 1 जून 2025 से केनरा बैंक मिनिमम बैलेंस मेंटेन न करने पर कोई जुर्माना नहीं लगाएगा। यह सभी बचत खाताधारकों के लिए है! केनरा बैंक पहला बड़ा सरकारी बैंक बन गया है जो सभी बचत खातों पर जीरो-बैलेंस की सुविधा दे रहा है।

कितना देना होता था चार्ज?

इससे पहले ग्राहकों को शहरी शाखाओं में 2000 रुपये, सेमी-अर्बन शाखाओं में 1000 रुपये और ग्रामीण शाखाओं में 500 रुपये मिनिमम बैलेंस रखना होता था। ऐसा न करने पर जुर्माना लगता था। अब नई पॉलिसी के तहत ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है।

इस बदलाव से लाखों लोगों को फायदा होगा। इसमें नौकरी करने वाले लोग, सीनियर सिटीजन, छात्र, एनआरआई और नए खाताधारक शामिल हैं। अब हर दिन की बैंकिंग आसान और बिना जुर्माने के होगी।

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