जल गंगा संवर्धन अभियान पूरी गति से चल रहा, तालाब गहरीकरण में किया श्रमदान

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
प्रदेश में 30 जून तक चलने वाला जल गंगा संवर्धन अभियान पूरी गति से चल रहा है। अभियान में जन-भागीदारी में पुरुषों के साथ महिलाएँ भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के तालाबों की सफाई का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके साथ ही नर्मदा नदी से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में नर्मदा पथ सर्वेक्षण यात्रा भी लगातार जारी है। जन-सामान्य को पानी के महत्व और उसकी बचत की शपथ दिलायी जा रही है।

तालाब गहरीकरण में किया श्रमदान
अशोकनगर जिले में पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई का कार्य निरंतर जारी है। अभियान में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद पंचायत चंदेरी की ग्राम पंचायत खैरा के ग्राम हंसारी में कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने ग्रामीणों के साथ श्रमदान किया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों के लिये जल संरक्षण का संदेश दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि गहरीकरण से पानी का भराव क्षेत्रफल और भूमि का जल-स्तर बढ़ेगा। यह तालाब 60 वर्ष पुराना है। तालाब के पानी से किसानों द्वारा फसलों की सिंचाई भी की जाती है। मछुआरों को मछली-पालन के लिये ठेके भी दिये गये हैं।

जल संरचनाओं का गहरीकरण
झाबुआ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान जन-भागीदारी के साथ तेज गति से चल रहा है। अभियान में जहाँ एक ओर पुराने कुँए, बावड़ी के जीर्णोद्धार और तालाबों का गहरीकरण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नये अमृत सरोवर और खेत-तालाब बनाने का कार्य हाथ में लिया गया है। रूफ वॉटर हॉर्वेस्टिंग का कार्य भी बड़े स्तर पर शुरू किया गया है। जिले में 300 ग्राम पंचायतों में गहरीकरण के लिये कुल 585 तालाबों, चेकडेम, स्टॉप डेम एवं अन्य जल संरचनाओं को चिन्हित कर 375 जल संरचनाओं का गहरीकरण कर 58 हजार 941 ट्रेक्टर ट्रॉली से मिट्टी निकालकर 2183 किसानों ने अपने खेतों में डाली है। इस कार्य में 5 हजार ग्रामीणों ने सहभागिता की है। जल संरचनाओं के गहरीकरण से जल भराव क्षमता बढ़कर 27 लाख 72 हजार घन मीटर हो गयी है।

जल चौपाल का निरंतर आयोजन
कटनी जिले में इन दिनों गाँव-गाँव जाकर जल चौपाल लगायी जा रही है। जल चौपाल में ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूँद का महत्व समझाया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 5 पौधे लगाये जाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। जिले के नागिन माता मंदिर के सामने नाले में पत्थर बंधान के लिये श्रमदान किया। श्रमदान में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की। जिले में प्राचीन बावड़ियों को चिन्हित किया गया है और वहाँ जन-भागीदारी से सफाई कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ किसानों को खेत-तालाब के फायदों के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को समझाइश दी गयी है कि पानी के संचयन से उत्पादकता और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

गंगा सागर तालाब में हुई साफ-सफाई
जल गंगा संवर्धन अभियान में जबलपुर के अमानपुर रोड स्थित गंगा सागर तालाब में श्रमदान कर साफ-सफाई की गयी। श्रमदान में महापौर श्री जगत बहादुर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी की। नागरिकों को पेयजल स्रोतों को साफ रखने की शपथ दिलायी गयी। जिले में युवाओं के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अनेक स्वयंसेवी संस्थाएँ शहर के तालाबों की स्वच्छता के लिये सामने आयी हैं। अभियान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये भी ठोस प्रयास किये जा रहे हैं।

नर्मदा पथ सर्वेक्षण के लिये जन-जागरण यात्रा
नरसिंहपुर जिले में नर्मदा जी के दक्षिण और उत्तर तट पर नर्मदा पथ सर्वेक्षण जन-जागरण यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान ग्रामीणों से विभिन्न जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं। ग्राम चौपाल लगाकर माँ नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने की शपथ दिलायी जा रही है। इस दौरान होने वाली आरती में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हो रहे हैं। ग्राम कीरखेड़ा, भटेरा, तिमरावन, रिछावर एवं सोकलपुर से नर्मदा यात्रा निकाली गयी। इस दौरान ग्रामीणों ने श्रमदान कर सफाई कार्य में हिस्सा लिया। जन-चौपाल में ग्रामीणों के सामूहिक भजनों की प्रस्तुतियाँ भी हुईं।

 

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