चंडीगढ़
पूर्व स्पीकर और थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के साथ नगर परिषद की बैठक में हुए दुर्व्यवहार का मामला विधानसभा तक पहुंच गया है। अकेले अरोड़ा ही नहीं, कांग्रेस के दो अन्य विधायकों – चंद्र प्रकाश (आदमपुर) और रामकरण काला (शाहबाद) के साथ भी इसी तरह की हरकत हुई थी। तीनों ही मामलों में स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को कांग्रेस के 12 विधायकों ने मुलाकात की। कल हुई मुलाकात के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा है।
बता दें कि कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताया था। स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने जांच करवाने के बाद सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। वहीं दूसरी ओर, अशोक अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा – अगर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों का सम्मान ही नहीं है, तो फिर पद पर बने रहने का भी क्या फायदा।
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा स्पीकर से कहा था कि वे सभी विधायकों के कस्टोडियन हैं, इसलिए विधायकों के हितों पर आंच आने की स्थिति में उन्हें कड़ा स्टैंड लेना चाहिए। अशोक अरोड़ा ने स्पीकर को लिखित में भी अपने साथ हुई अभद्रता की शिकायत की है, जिसमें कहा गया है कि नगर परिषद की बैठक में शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे लोग शामिल हुए, जो नियमों के अनुसार बैठक में भागीदारी करने के पात्र नहीं हैं।
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