भोपाल
ईद उल अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया कि कुर्बानी बंद स्थान पर दें और खुले में नमाज न पढ़ें. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अधीन राज्य में मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाहें, मजार, कर्बला और स्कूल व मदरसे आते हैं. इनकी संख्या 15 हजार है.
कुर्बानी के लिए नियमों और कानून की सख्ती
बोर्ड ने अपने अधीन आने वाले सभी मुतवल्लियों (प्रबंधक) और प्रबंध समितियों को निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी के लिए नियमों और कानून का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही, जिलाधिकारी इसका कड़ाई से पालन कराएं.
बोर्ड ने एडवाइजरी में कहा कि नमाज केवल ईदगाह के अंदर और मस्जिद के परिसर में पढ़ी जाए और सड़क पर नमाज अदा करने से बचें. जरूरत होने पर स्थानीय प्रशासन को भरोसे में लेकर ईद की नमाज अदा की जाए.
चयनित स्थानों पर ही करें कुर्बानी
बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी की जगह को चारों तरफ से दीवार, टीनशेड से बंद रखें, इन स्थानों पर आवश्यक दवाइयों का छिड़काव करें. साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना अपनी धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी समझें. कुर्बानी के लिए चयनित स्थानों पर ही कुर्बानी करें, उसे भली-भांति ढंक कर अपने स्थान तक ले जाएं. कुर्बानी के जानवर की अनुपयोगी चीजों को सुरक्षित और नगर निगम, पालिका द्वारा रखे कंटेनर अथवा चयनित जगहों पर ही डालें.
कुर्बानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें
बोर्ड के निर्देशों में कहा गया है कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें और सरकारी आदेशों का पूरी तरह से पालन करें. कुर्बानी का कोई वीडियो और ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें. बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स और जिला दंडाधिकारियों को कहा गया है कि वे कुर्बानी के त्योहार को सफल बनाने की दृष्टि से जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें और इससे आमजन को अवगत कराएं ताकि राज्य शासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित हो सके.
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