जयपुर
राजधानी जयपुर में कैब चालकों की हड़ताल ने आज चौथे दिन में प्रवेश कर लिया है। शहर में पांच हजार से अधिक कैब टैक्सियां सड़कों से नदारद हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को क्रांतिकारी टैक्सी ड्राइवर संगठन के बैनर तले सैकड़ों कैब चालकों ने शहीद स्मारक पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह रत्नू ने बताया कि सरकार से कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
परिवहन नियमों में बदलाव
चालकों पर की जा रही सख्त कार्रवाई पर रोक
प्राइवेट वाहनों द्वारा अवैध टैक्सी संचालन पर लगाम
कैब चालकों को सुरक्षा और स्थायी पहचान
संजय सिंह रत्नू ने कहा कि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात हुई है, जिन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। लेकिन जब तक आश्वासन निर्णय में परिवर्तित नहीं होता, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
चक्का जाम की चेतावनी
कैब यूनियनों ने राजधानी में जल्द ही चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। रत्नू ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी ड्राइवर को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर ऑटो और कैब चालकों के बीच विवाद की खबरें सामने आई हैं। हालांकि रत्नू ने स्पष्ट किया कि कैब संगठन की ओर से किसी ऑटो चालक के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया है और अगर ऐसा हुआ है, तो इसकी निंदा की जाएगी।
स्थिति गंभीर, जनजीवन प्रभावित
लगातार चार दिन से टैक्सी सेवाएं ठप होने से एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। लोकल ट्रांसपोर्ट की कमी के चलते ओवरचार्जिंग की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। कैब चालकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक यह आंदोलन और तेज होगा और शहरव्यापी चक्का जाम करके वे सरकार को चेतावनी देंगे।
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