ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत बीना से भोपाल आए नाबालिग बालक को संरक्षित संस्था के माध्यम से सौंपा गया परिजनों को
रेल सुरक्षा बल का सजग व मानवीय कार्य
भोपाल
मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के अंतर्गत एक बार फिर रेल सुरक्षा बल ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालक को समय रहते सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया।
दिनांक 05 जून 2025 को बीना से भोपाल के मध्य मार्गरक्षण ड्यूटी पर कार्यरत रेल सुरक्षा बल के स्टाफ आर. विजय कांत शर्मा को गाड़ी संख्या 12722 में एक नाबालिग बालक संदिग्ध स्थिति में मिला। पूछताछ में बालक ने अपना नाम फरमान पुत्र नौसाद खान, उम्र 15 वर्ष, निवासी छोटी बजरिया, बीना बताया। उसने यह भी बताया कि वह भोपाल में काम की तलाश में आया था, तथा उसका अपने परिजनों से संपर्क टूट गया था। परिजनों का मोबाइल नंबर बताया गया।
आरपीएफ द्वारा तत्परता दिखाते हुए बालक को तत्काल रेल सुरक्षा बल पोस्ट, भोपाल लाया गया। यहां SIPF संध्या चौधरी द्वारा बच्चे से विस्तार से पूछताछ की गई और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सदस्य धनीराम पवार को इसकी सूचना दी गई।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देशानुसार, उक्त नाबालिग बालक को विधिवत प्रक्रिया के तहत नित्य सेवा सोसायटी, भोपाल के माध्यम से परिजनों को सुपुर्द किया गया। यह संपूर्ण कार्यवाही ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत संपन्न की गई, जो रेलवे द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं पुनर्वास हेतु संचालित एक विशेष अभियान है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने इस कार्य की सराहना करते हुए बताया कि आरपीएफ की सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण के चलते अनेक मासूम बच्चों को समय रहते सहायता पहुंचाई जा रही है।
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