चंडीगढ़
पंजाब में किसानों की भलाई के लिए सरकार जुलाई महीने से एक नया सिस्टम लागू करने जा रही है और इसका ट्रायल पूरा कर लिया गया है। दरअसल, अब राज्य में नकली बीजों की बिक्री नहीं हो सकेगी, क्योंकि हर दुकान पर अब सिर्फ QR कोड वाला बीज ही उपलब्ध होगा।
जैसे ही किसान इस QR कोड को स्कैन करेगा, उसके मोबाइल पर उस खेत का नक्शा, किसान का नाम, बीज बनाने वाली कंपनी, लैब टेस्टिंग रिपोर्ट और दुकानदार तक की पूरी जानकारी दिखाई देगी। बताया जा रहा है कि इस सिस्टम को जुलाई तक पूरे पंजाब में लागू कर दिया जाएगा और इसका ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इतना ही नहीं, दुकानदार को यह भी पता चल जाएगा कि बीज कहां से आया, किस कंपनी ने पैक किया और बीज का ऑनलाइन रिकॉर्ड व सैंपल की जानकारी भी स्कैन करने पर मिल जाएगी। एक हिंदी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि इस हफ्ते केंद्र सरकार के साथ "साथी-2 पोर्टल" को लेकर बैठक हुई है और इसका ट्रायल सफल रहा है। अब कोई भी दुकानदार नकली बीज नहीं बेच सकेगा।
ज्यादातर किसान बनते हैं ठगी के शिकार
पंजाब में हर साल लगभग 35 लाख क्विंटल गेहूं, 5.7 लाख क्विंटल धान और 46 लाख क्विंटल आलू के बीज की खपत होती है। इतनी मांग के कारण नकली बीजों की बिक्री भी बढ़ गई है, जिससे ज़्यादातर किसान ठगी का शिकार हो जाते हैं। उत्पादन बढ़ाने के चक्कर में किसान बाहरी राज्यों के एजेंटों से बीज खरीद लेते हैं। कई दुकानदार भी लालच में नकली बीज बेच देते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। खेतीबाड़ी विभाग भी अक्सर इस पर कार्रवाई नहीं कर पाता क्योंकि किसान सस्ते दाम के चक्कर में बीज का बिल तक नहीं लेते।
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