रायपुर
सुकमा नक्सल IED ब्लास्ट में शहीद हुए ASP आकाश राव गिरिपुंजे को रायपुर के माना पुलिस बटालियन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पत्नी ने उन्हें रोते हुए सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी, वहीं उनके पिता बिलखते रहे। सीएम साय उनके मंत्रियों और अफसरों ने भी दी श्रद्धांजलि।
इससे पहले "जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा" के नारों" के साथ उनकी यात्रा कुशालपुर स्थित निवास से निकली थी। अंतिम यात्रा में कलेक्टर के साथ कई अफसर और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
बता दें कि सुकमा में नक्सल IED ब्लास्ट में शहीद आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर के रहने वाले थे। वह सुकमा में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। रायपुर के कुशालपुर इलाके में उनका पूरा परिवार रहता है। उनके माता-पिता पत्नी दो छोटे बच्चे यहीं रहते थे।
बुधवार को शहीद ASP की 6 साल की बेटी नव्या का जन्मदिन है। पूरा परिवार इस जन्मदिन को सेलिब्रेट करने की तैयारी में लगा हुआ था। आकाश भी सुकमा से बेटी के जन्मदिन में आने वाले थे मगर अब सब कुछ बदल चुका है।
कुशालपुर से निकली अंतिमयात्रा
“जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा” के नारों के साथ कलेक्टर, निगम आयुक्त, सीईओ जिला पंचायत, अधिकारी, परिवारजन और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरा माहौल गमगीन और सम्मान से भरा रहा।
बता दें की शहीद आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर के रहने वाले थे और 2013 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी थे। उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़कर छत्तीसगढ़ पीसीएस परीक्षा पास की और पुलिस अधिकारी बने। सोमवार को सुकमा के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED ब्लास्ट में वे शहीद हो गए, इस हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। आकाश राव को उनकी बहादुरी और ईमानदारी के लिए कई गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुके थे। उनकी शहादत पर पूरे पुलिस बल और शहर में गहरा शोक है।
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