एसीबी ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ रायपुर

मुंगेली
10 जून 2025 को छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पटवारी के सुरीघाट स्थित कार्यालय में की गई। उत्तम कुर्रे पर रिकॉर्ड सुधार और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मुंगेली जिले में छह महीने में एसीबी की चौथी बड़ी कार्रवाई है।
 
रिश्वत की मांग करने पर की शिकायत
30 मई 2025 को बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पंचायत निवासी टोप सिंह अनुरागी ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि उनके और उनके भाई-बहनों के नाम पर ग्राम केसलीकला, मुंगेली में 1.43 एकड़ जमीन है। रिकॉर्ड में उनका नाम टोप सिंह के बजाय तोप सिंह दर्ज है। उनकी बहन के नाम के आगे पिता के स्थान पर पति का नाम गलत लिखा है। इस सुधार और जमीन का नक्शा, खसरा, बी-वन प्राप्त करने के लिए टोप सिंह ने पटवारी उत्तम कुर्रे से संपर्क किया। उत्तम कुर्रे ने काम कराने के लिए 25,000 रुपये रिश्वत की मांग की। टोप सिंह रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उन्होंने एसीबी से शिकायत की।

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने पाया कि आरोप सही हैं। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। 10 जून को टोप सिंह को 25,000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर पटवारी उत्तम कुर्रे के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने अपने सुरीघाट, मुंगेली स्थित कार्यालय में रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम जब्त की गई। उत्तम कुर्रे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

मुंगेली में भ्रष्टाचार पर नकेल
मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की यह चौथी कार्रवाई है। इससे पहले प्राचार्य मालिक राम मेहर, बाबू हनी शर्मा, राजस्व निरीक्षक नरेश साहू, पटवारी सुशील जायसवाल और सहायक उपनिरीक्षक राजाराम साहू के खिलाफ भी रिश्वत के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। एसीबी ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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