भोपाल
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केन्द्रीकृत वेब आधारित ई-नगरपालिका 2.0 योजना प्रारंभ की है। यह योजना डिजिटल इण्डिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी और त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गयी है। यह योजना ई-गवर्नेंस का अनूठा उदाहरण है। ई-नगरपालिका 1.0 द्वारा नगरीय निकायों द्वारा प्रदत्त समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है।
ई-नगरपालिका 2.0 का विभिन्न विभागों जैसे उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग आदि एवं भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप जैसे उमंग से भी एकीकृत किया गया है। प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को प्रदाय करने के लिये एकीकृत एकल एसएपी, ईआरपी प्लेटफार्म आधारित ई-नगरपालिका 1.0 लागू की गयी थी। इसके बाद ई-नगरपालिका 2.0 नगरीय निकायों में लागू कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल हैं। भौतिक अवसंरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया जा रहा है।
कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 ओपन सोर्स प्लेटफार्म टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ई-नगरपालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष तथा 5 वर्ष के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य वेंडर द्वारा किया जायेगा। विभाग द्वारा अपनी वेबसाइट भी प्रारंभ की गयी है, जिसका यूआरएएल www.mpurban.gov.in है। वेबसाइट पर विभाग द्वारा नगरीय निकायों से संबंधित आवश्यक जानकारी स्टेटिक और डॉयनेमिक रूप में उपलब्ध करायी गयी है।
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