लखनऊ
किसानों की सुविधा और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 45 हजार सोलर पंप स्थापित कराने की तैयारी कर रही है। कृषि विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना में यह लक्ष्य तय करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। अनुमोदन होने के बाद किसानों से योजना के तहत आवेदन लिए जाएंगे।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2013-14 में सोलर पंप की स्थापना का काम शुरू किया गया था। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2019-20 से पीएम कुसुम संचालित की जा रही है। भारत सरकार के सहयोग से चल रही इस योजना में दो हार्स पावर (एचपी) से 7.5 एचपी तक के सोलर पंप पर मूल्य का 60 प्रतिशत तक अनुदान किसानों को उपलब्ध कराया जाता है।
वहीं 10 एचपी के सोलर पंप के लिए 7.5 एचपी के बराबर ही अनुदान दिया जाता है। सोलर पंप की स्थापना से फसलों की सिंचाई के लिए सामने आने वाली पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने की समस्या से किसानों को राहत मिल रही है। बिजली की खपत कम होने के साथ सिंचाई का खर्च भी कम हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 28,811 किसानों ने योजना के तहत सोलर पंप लगवाए थे। विभाग सोलर पंप की स्थापना को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटा है, इसके चलते ही वर्तमान वित्तीय वर्ष में 45 हजार पंप लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
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