लखनऊ
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को सख्त संदेश दिया. लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति हमारी जवाबदेही होनी चाहिए. कोई भी संपत्ति राज्य की नहीं, समाज की होती है. जो व्यक्ति समाज की संपत्ति नष्ट करता है तो उसको टोकिए. अगर ज्यादा होता है तो आप मोबाइल से उसको वायरल कर सकते हैं. बाकी उसके पोस्टर लगाकर उससे वसूली का काम सरकार करेगी.
सीएम योगी ने कहा कि संपत्ति बनाने में मेहनत लगती है. सार्वजनिक संपत्ति तो राष्ट्र की है. राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने वाला कानून का मुजरिम है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे. ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आगे से वो कानून को हाथ में लेने से पहले सौ बार सोचेंगे.
आपको बता दें कि 12 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न बोर्डों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया. सीएम ने मेधावियों को एक लाख रुपये का चेक, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर उन्हें सम्मानित किया. इसके पहले, उन्होंने यूपी माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ एवं माध्यमिक संस्कृत शिक्षा निदेशालय, नवीन भवन सहित 100 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास किया.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में दंगा-उपद्रव करने के वालों के खिलाफ योगी सरकार बेहद सख्ती से पेश आती है. इसका ताजा उदाहरण संभल हिंसा है, जहां दंगाइयों के पोस्टर चौराहों पर लगवाकर प्रशासन ने वसूली करने की बात कही है. इसके अलावा कई जगहों पर अपराध से अर्जित या गैरकानूनी निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है.
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