नई दिल्ली
इस समय तमिलनाडु प्रीमियर लीग यानी टीएनपीएल के लीग मैच खेले जा रहे हैं। अलग-अलग शहरों में मुकाबले खेले जा रहे हैं। इसी दौरान इस लीग में एक मजेदार वाकया देखने को मिला, जब एक ही गेंद पर एक या दो बार नहीं, बल्कि तीन बार ओवरथ्रो हुआ, चौथी बार फील्डर ने गेंद को रिलीज ही नहीं किया। इस तरह ये कॉमेडी ऑफ इरर रुका। इसकी शुरुआत आर अश्विन के एंड से हुई, जो इस समय डिंडीगुल ड्रेगन्स टीम के कप्तान हैं। उनके थ्रो को गेंदबाज ने पकड़ा नहीं था। अन्यथा रन आउट का मामला बनता।
टीएनपीएल का 11वां लीग मैच सीचेम मदुरै पैंथर्स और डिंडीगुल ड्रैगन्स के बीच खेला गया। इस मैच में जब आर अश्विन की कप्तानी वाली टीम फील्डिंग कर रही थी तो एक समय एक बल्लेबाज ने यॉर्कर लेंथ की गेंद को कवर्स की ओर खेला। वहां खुद कप्तान आर अश्विन खड़े थे। आर अश्विन के पास गेंद पहुंची और उन्होंने बॉलिंग एंड पर थ्रो किया। गेंदबाज उसे पकड़ नहीं पाया। थ्रो सटीक था, सिर्फ गेंद को पकड़कर स्टंप्स उड़ाने थे, जो गेंदबाज से नहीं हुए। इसके बाद गेंद शॉर्ट मिड ऑन की तरह गई।
शॉर्ट मिड ऑन पर खिलाड़ी ने विकेटकीपिंग एंड पर थ्रो फेंका, जो सटीक नहीं था और विकेटकीपर पीछे से दौड़कर आ रहा था तो गेंद वहां से भी निकल गई। थर्ड मैन के खिलाड़ी के पास गेंद चली और उसने इस बार बॉलिंग एंड पर थ्रो फेंका। इस बार भी गेंदबाज बॉल को पकड़ नहीं पाया। हालांकि, जिस चौथे फील्डर के पास इस बार गेंद गई, उसने गेंद को रिलीज ही नहीं किया। ये देखकर कप्तान आर अश्विन हैरान थे, क्योंकि इस तरह की गलती अक्सर गली क्रिकेट में होती है। इसमें गेंदबाज का ज्यादा दोष माना जाएगा, जिसने एक नहीं, बल्कि दो बार स्टंप्स के करीब की गेंद को पकड़ा ही नहीं।
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