नई दिल्ली
भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। बुमराह ने कहा है कि बीसीसीआई ने उनको टेस्ट कप्तान बनने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया। रोहित ने मई में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उनके बाद शुभमन गिल को टीम की कप्तानी सौंपी गई जो इंग्लैंड दौरे से अपने कप्तानी करीयर की शुरुआत करेंगे। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में दो मैचों में कप्तानी की थी। वह मेलबर्न में खेले गए सीरीज के पहले मैच में टीम के कप्तान थे। वहीं इस दौरे पर सीरीज के आखिरी मैच में सिडनी में भी उन्होंने कप्तानी की थी। बुमराह ने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया था।
बुमराह ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि बीसीसीआई ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट को अलविदा कहने से काफी पहले उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इस इंटरव्यू में कहा, "रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास से पहले, आईपीएल के दौरान। मैंने बीसीसीआई से बात की थी। मैंने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के संबंध में अपने वर्कलोड को लेकर बात की थी। मैंने उन लोगों से बात की थी जो मेरी पीठ की देखभाल कर रहे हैं। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि मुझे अपनी चोट को लेकर कुछ सतर्क रहना होगा। इसके बाद मैंने बीसीसीआई को फोन कर बताया कि मुझे लीडरशिप के लिए नहीं देखा जाए क्योंकि मैं पूरे टेस्ट मैच खेलने में सक्षम नहीं रहूंगा।" उन्होंने बताया, "बीसीसीआई मुझ में लीडरशिप रोल की देख रही थी, लेकिन मुझे उन्हें मना करना पड़ा क्योंकि कोई सिर्फ तीन मैच के लिए ही कप्तानी करे ये सही नहीं होता, फिर किसी और को बाकी मैचो में कप्तानी करनी पड़ती है। ये टीम के लिए सही नहीं है और मैं टीम को पहले रखना चाहता हूं।"
अगरकर ने कही थी ये बात
बुमराह और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के बयान में विरोधाभास है। इंग्लैंड दौरे के लिए गिल को कप्तान और टीम इंडिया का एलान करते हुए अगरकर ने कहा था कि बीसीसीआई चाहती है कि बुमराह अपने वर्कलोड पर फोकस करें न कि टेस्ट कप्तानी का अत्याधिक भार लें। अगरकर ने कहा था कि उन्होंने इस बारे में बुमराह को बता दिया है। अगरकर ने कहा, "चूंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी की थी, बुमराह वहां टीम के उप-कप्तान थे। वह सभी टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। मुझे लगता है कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर हमारे लिए ज्यादा अहम हैं। हम उन्हें फिट देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि खिलाड़ी पर कप्तान बनने के बाद अतिरिक्त दबाव रहता है। उसे 15-16 खिलाड़ियों को मैनेज करना होता है।"
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