नैनी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बैरक से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए, जेल में खातिरदारी पकड़ाई

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ 
यूपी में माफियाओं और उनके घर वालों की जेल में अब भी बादशाहत कायम है। मुख्तार अंसारी के बेटे अ्ब्बास अंसारी के बाद अब माफिया अतीक अहमद के बेटे अली की नैनी जेल में खातिरदारी पकड़ाई है। नैनी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बैरक से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं। अली के पास कैश भी था। छापेमारी के दौरान उसने कैश जेल वार्डन को पकड़ा दिया लेकिन मामला सीसीटीवी में कैद हो गया। डीजी जेल ने तत्काल एक्शन लेते हुए जेल वार्डन और डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया है। डीआईजी जेल को पूरे मामले की जांच सौंपी है।

नैनी जेल में अतीक अहमद के 60 से ज्यादा गुर्गे बंद हैं। अली के बैरक की 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी होती है। इसके बाद भी जेल अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अपराधी जेल में भी मौज काट रहे हैं। इससे पहले चित्रकूट जेल में मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की खातिरदारी का मामला पकड़ाया था। अफसरों की मिलीभगत से अब्बास अंसारी रोज अपनी पत्नी से जेल के खास कमरे में मुलाकात करता था। कई घंटे दोनों साथ रहते थे।

प्रशासन की टीम ने अचानक छापेमारी कर अब्बास की पत्नी निकहत को भी जेल के उस खास कमरे से पकड़ा था। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। अब्बास को कासगंज जेल भेज दिया गया था। इसके बाद कई जेल अधिकारियों को निलंबित किया गया था। माना जा रहा है कि अब्बास अंसारी के मामले की तरह यहां भी कई जेल अफसर नप सकते हैं। अतीक अहमद का बेटा अली 2022 से ही यहां बंद है।

अब अतीक के बेटे अली के मामले में बताया जाता है कि डीआईजी राजेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को अचानक नैनी जेल में चेकिंग की। इस दौरान अली की बैरक की तलाशी ली थी। इसी दौरान कई आपत्तिजनकर वस्तुएं उसकी बैरक से मिलीं। इसके अलावा उसके पास कैश भी था। चेकिंग के दौरान उसने कैश वहां मौजूद जेल वार्डन को पकड़ा दिया। अली से कैश लेते वार्डन सीसीटीवी में कैद भी हो गया था। बाद में कैश की गिनती हुई तो पता चला कि 1100 रुपए हैं।

अति सुरक्षित बैरक में आपत्तिजनक वस्तुएं और कैश की जानकारी अधिकारियों को दी गई। इसके बाद डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को सस्‍पेंड कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके, लेकिन उसने कूपन नहीं खरीदे और पैसे छुपाकर रख लिए।

केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि बीते मंगलवार को अली से मिलने कोई वकील आया था। जिसने अली को 1100 रुपए दिए थे। अली ने जेल से रुपए से टोकन न लेकर अपने पास रख लिया था। जांच में रुपए मिलने पर डिप्टी जेलर और जेल वार्डर को निलंबित किया गया है।

 

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