नई दिल्ली
कोरोना वायरस के नए ‘सिंगापुर वेरिएंट’ की भारत में पुष्टि के बीच ICMR-NIV ने देशवासियों को राहत की खबर दी है। संस्थान के निदेशक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि देश में कोविड-19 के एक्टिव मामलों में अब लगातार गिरावट देखी जा रही है और फिलहाल जो वेरिएंट्स फैल रहे हैं, उनके लक्षण सामान्य और हल्के हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि कोविड पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसका असर उतना घातक नहीं है जितना पहले देखा गया था। ऐसे में घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. कुमार ने कहा, "हम कोविड के वेरिएंट्स की जीनोमिक जांच और डायग्नोसिस कर रहे हैं। सिंगापुर और उसके आसपास के देशों में मामलों की बढ़ोतरी के बाद हमने देखा कि वही वेरिएंट भारत में भी पिछले 5-6 हफ्तों से देखा जा रहा है। हमने इस पर अपनी निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी है।"
भारत में अभी कौन-कौन से वेरिएंट एक्टिव?
ICMR-NIV के अनुसार, भारत में इस समय JN.1, LF.7, XFG और NB.1.8.1 जैसे ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट्स सक्रिय हैं। डॉ. कुमार के मुताबिक, “हमने इन सभी वेरिएंट्स को आइसोलेट कर लिया है और अभी तक इनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखे हैं। ज़्यादातर संक्रमण हल्के ही हैं।”
सरकार की तैयारी
ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने ANI से बातचीत में कहा कि सरकार तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दे रही है, जिसमें संक्रमण की गति और केसों में तेजी, क्या वायरस हमारी प्राकृतिक या वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी से बच निकल रहा है? क्या ये वेरिएंट पहले से ज्यादा गंभीर हैं या फिर ओमिक्रॉन जैसे हल्के हैं, शामिल हैं। उन्होंने कहा, “फिलहाल ज़्यादातर मामलों में लक्षण ओमिक्रॉन जैसे ही हल्के और सामान्य हैं।”
सरकार की रणनीति
डॉ. बहल ने यह भी बताया कि अगर कोई नया वेरिएंट उभरता है, तो सरकार के पास दो विकल्प हैं- एक मौजूदा वैक्सीन की प्रभावशीलता की जांच करना और दूसरा विशेष रूप से नए वेरिएंट को टारगेट कर नई वैक्सीन बनाना। उन्होंने आगे कहा, "हमारी वैक्सीन डेवलपमेंट क्षमता तैयार है और ज़रूरत पड़ने पर नई वैक्सीन जल्द विकसित की जा सकती है। अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है।"
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