रांची
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सिकल सेल पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सोरेन ने आज विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस के अवसर पर यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इस रोग से प्रभावित युवक-युवतियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि इस दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए संक्रमितों को बेहतर जीवन देने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि इस बीमारी का असर सिर्फ मरीज को ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार को महसूस होता है।
मुख्यमंत्री ने सिकल सेल के प्रति जन जागरूकता फैलाने पर जोर दिया ताकि लोगों के बीच इस बीमारी के प्रति समझ बढ़ सके। उन्होंने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही इस बीमारी का उन्मूलन संभव है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की प्रारंभिक पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्क्रीनिंग को बढ़ाने की जरूरत हैक्योंकि, लोगों को पता ही नहीं होता है कि वे इस बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे में जाने-अनजाने वे इसे अगली पीढ़ी में स्थापित कर सकते हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों का स्क्रीनिंग किया जाना चाहिए और जिन लोगों में इस बीमारी के लक्षण पाए जाएं, उनकी काउंसलिंग कर जांच दवाइयां और अन्य सुविधाएं उन्हें उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बीमारी के निदान की दिशा में यह प्रयास होना चाहिए कि बच्चों के जन्म के साथ ही उसकी स्क्रीनिंग कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की समस्या हो तो उसका इलाज और समाधान हो सके।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सिकल सेल से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और अन्य माध्यमों से कार्य किया जा रहे हैं। इसमें यूनिसेफ जैसी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लोगों का हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है, ताकि विभिन्न बीमारियों से संक्रमित लोगों की पहचान कर उनका समुचित इलाज किया जा सके। हमारा प्रयास आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन देना है। उन्होंने कहा कि हेल्थ प्रोफाइल के डेटा को एक नियत समय पर अपडेट करते रहना चाहिए क्योंकि इससे हमें पता चलेगा कि किस बीमारी के कितने मरीज मिले थे। कितने मरीज का इलाज के बाद बीमारी खत्म हो गया और कितने नए मरीज सामने आए। डेटा के अपडेट रहने से हम विभिन्न बीमारियों से निपटने की दिशा में आगे की रणनीति तैयार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि सिकल सेल के संक्रमितों की जांच और इलाज की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। सिकल सेल के मरीजों को समय-समय पर रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे में उनके लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। वही दवाइयां भी समय पर सहजता से मिले, इसकी भी पुख्ता व्यवस्था करें। किसी भी संक्रमित को जांच और इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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