ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत भोपाल स्टेशन से मिले नाबालिग बालक को NGO को सौंपा
रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता से घर से भागे किशोर को मिला सुरक्षित सहारा
भोपाल
भोपाल मंडल पर संचालित “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत नाबालिग बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित सहायता प्रदान करने का कार्य निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज दिनांक 20 जून 2025 को भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक और बालक को समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
प्लेटफॉर्म क्रमांक 5 पर तैनात आरपीएफ आरक्षक श्री कृष्ण कुमार को गाड़ी संख्या 19711 (इन्दौर–जयपुर एक्सप्रेस) के सामान्य कोच में एक 17 वर्षीय बालक अकेला बैठा मिला। संदेह होने पर जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम सुभाष कुर्मी, निवासी – शेरपुर मोहल्ला, विदिशा बताया। बालक ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह घर से नाराज़ होकर निकल आया है।
आरपीएफ कर्मियों द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उक्त बालक को तुरंत रेल सुरक्षा बल पोस्ट, भोपाल लाया गया, जहां सब इंस्पेक्टर संध्या चौधरी ने उससे विस्तृत जानकारी ली। तत्पश्चात मामले की सूचना बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री धनीराम पवार को मोबाइल के माध्यम से दी गई।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद NGO को सौंपा गया बालक
श्री पवार के निर्देशानुसार, बालक का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया एवं “नित्य सेवा सोसायटी, चांदबड़, भोपाल” को बालक को ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के अंतर्गत विधिवत रूप से सुपुर्द किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल मंडल पर आरपीएफ द्वारा गश्त के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिससे ऐसे असहाय, गुमशुदा या संकटग्रस्त नाबालिगों को तुरंत सहायता मिल सके। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी बच्चे को अकेले, असहज या संदिग्ध स्थिति में देखें तो तुरंत आरपीएफ हेल्पलाइन 139 पर सूचित करें।
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