पटना,
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि (बलिदान दिवस) पर बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित ‘स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनके बलिदान और भाजपा की वैचारिक नींव को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया। दिलीप जायसवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, आज हम उनके कृतित्व को याद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने से बड़ी और सच्ची श्रद्धांजलि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रति और कुछ नहीं हो सकती है। उनकी चाहत थी कि इस देश में एक निशान, एक विधान और एक प्रधान हो। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी श्रद्धांजलि के लिए इससे बड़ा कोई और काम नहीं हो सकता।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा कि मात्र 33 साल की उम्र में वे कुलपति बने थे। समझा जा सकता है कि वे कितने बड़े शिक्षाविद और विचारक थे। उन्होंने याद करते हुए कहा कि जब देश का बंटवारा हो रहा था तब किशनगंज, सिलीगुड़ी, मालदा सहित कई इलाके पाकिस्तान में जा चुके थे, इसी इलाके को ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है। लेकिन आज हम गौरवान्वित होकर खुद को हिंदुस्तानी बोल रहे हैं, क्योंकि मैं खुद किशनगंज से ही आता हूं। आज इसका श्रेय भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जाता है। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, संगठन महामंत्री भिखू भाई दालसानिया सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थिति रहे।
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