भोपाल
राजधानी के हवाई यात्रियों को जल्द ही विश्व स्तरीय डिजी यात्रा का लाभ मिलेगा। यात्रियों को केवल एक बार फेस स्कैनर एवं मोबाइल ऐप की मदद से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद यात्रियों का चेहरा ही आईडी प्रूफ बन जाएगा। देश के किसी भी एयरपोर्ट पर स्कैनर चेहरे को पहचान लेगा।
भारत सरकार की पेपरलेस डिजी यात्रा योजना के तहत भोपाल में भी यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मिलने वाला है। एयरपोर्ट अथारिटी ने स्कैनर सह गेट स्थापित कर दिए हैं। इसका ट्रायल शुरू हो गया है। सुरक्षा जांच के लिए तैनात सीआईएसएफ के जवानों को स्कैनर से जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ट्रायल पूरा होने के बाद स्कैनर की मदद से यात्री अपने चेहरे को ही आईडी बना सकेंगे।
यात्री मोबाइल ऐप की मदद से भी केवल एक बार आईडी बना सकेंगे। आईडी बनने के बाद उन्हें देश के किसी भी हवाई अड्डे पर आईडी दिखाने की जरूरत नहीं होगी। स्कैनर रजिटर्ड यात्रियों के चेहरे को पहचान लेगा। सुरक्षा कर्मी ग्रीन सिग्नल मिलते ही यात्री को एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश करने देंगे। अभी तक यात्रियों को लाउंज में जाने के लिए आधार कार्ड या मान्य पहचान पत्र दिखाना होता है।
कई बाद फिजिकल डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन में समय लग जाता है। इस कारण विलंब से एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों को विमान में सवार नहीं होने दिया जाता। सुरक्षा कारणों से बोर्डिग काउंटर टेकआफ के 45 मिनट पहले बंद करने का प्रविधान है। डिजी यात्रा सुविधा शुरू होने से समय बचेगा। अंतिम समय में एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों को भी फ्लाइट छूटने की संभावना नहीं रहेगी।
पेपरलेस व्यवस्था होने के कारण स्कैनर से ही पता चल जाएगा कि यात्री का टिकट बुक है। इस कारण सुरक्षा कर्मी अलग से टिकट की जांच भी नहीं करेंगे। चेहरे की पहचान कंफर्म होने के बाद स्कैनर के साथ लगे ई-गेट अपने आप खुल जाएंगे। यात्री अंदर प्रवेश कर सकेंगे।
वाराणसी से हुई थी शुरुआत
नागरिक उड्डयन विभाग ने पेपरलेस यात्रा को पायलट प्रोजेक्टर के तहत वाराणसी एयरपोर्ट से इसकी शुरुआत की थी। अब इसे देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर स्कैनर लगाए जा रहे हैं। डिजी यात्रा सुविधा का लाभ इंटरनेशनल रूट पर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। हालांकि अभी भोपाल में एक भी इंटरनेशनल उड़ान नहीं है लेकिन भविष्य में उड़ान प्रारंभ होने की संभावना है।
ट्रायल पूरा होते ही सुविधा शुरू होगी
डिजी यात्रा सुविधा के लिए ट्रायल शुरू कर दिया गया है। पांच स्कैनर सह गेट लगाए गए हैं। दो गेट सिक्युरिटी एरिया में हैं। सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ट्रायल की सभी कमियां पूरी होने बाद इसे यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर
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