मीरजापुर
राजगढ़ थाना प्रभारी महेंद्र पटेल को आइजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) में थाने की रैंकिंग बढ़ाने की होड़ में खुद ही फर्जी शिकायत दर्ज कर उसे निस्तारित करने के गंभीर आरोप में एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने निलंबित कर दिया। इसके साथ ही थानेदार को बिना अनुमति के जनपद छोड़ने पर भी रोक लगा दी। मामले की जांच सीओ ऑपरेशन मुनेंद्र पाल सिंह को सौंपी गई है। वहीं जमालपुर थाने से अधिक शिकायतें मिलने पर थानेदार विजय कुमार सरोज को लाइन हाजिर कर दिया।
फर्जी नाम से दर्ज की गई शिकायतें जो गांव में मौजूद ही नहीं
जांच में सामने आया कि थानेदार महेंद्र पटेल ने आइजीआरएस नंबर 40019925013219, 40019925013220 और 40019925013221 के तहत फर्जी नाम राजू, राजेश और राकेश के नाम से शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायत में दिए गए गांव कुड़ी के ग्राम प्रधान गुलाब चंद मौर्य ने बताया कि इन नामों के कोई व्यक्ति गांव में मौजूद ही नहीं हैं।
उक्त शिकायतें खुद थानेदार ने ही अपने मोबाइल नंबर से दर्ज कीं और बाद में उन्हीं शिकायतों का निस्तारण भी स्वयं कर दिया। इतना ही नहीं, निस्तारण रिपोर्ट में यह तक लिखा गया कि ''आवेदक अब कोई कार्रवाई नहीं चाहता है'' और जांच में यह भी पाया गया कि थानेदार ने आइजीआरएस अधिकारी के काल पर खुद को आवेदक बताकर 'पूर्ण संतुष्टि' की पुष्टि कर दी।
विभाग को गुमराह कर बनाई फर्जी रैंकिंग
थानेदार ने आइजीआरएस में थाने की रैंकिंग सर्वोच्च बनाए रखने के लिए यह पूरी कूटरचित योजना बनाई थी। जांच में आरोप सत्य पाए गए, जिसके बाद एडीजी जोन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।
अन्य थानों में भी किया गया फेरबदल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने इस कार्रवाई के साथ ही अन्य थानों में फेरबदल भी किया है। कछवां थानेदार अब अमरजीत चौहान होंगे, जो पूर्व में साइबर थाने में तैनात थे। वहीं विंध्याचल थानेदार अमित कुमार को हटाकर जमालपुर भेजा गया है। वहीं विंध्याचल का नया थानेदार वैद्यनाथ सिंह को बनाया गया है जो पूर्व में अहरौरा थाने में थे। रणविजय सिंह, जिन पर वसूली का आरोप लगा था, उन्हें कछवां से हटाकर राजगढ़ थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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