छिंदवाड़ा
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को निकलने वाली भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा शुक्रवार को मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और छत्तीसगढ़ के केशकाल में परंपरागत उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली जाएगी। दोनों ही नगरों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है और भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।
छिंदवाड़ा में 11 सालों से जारी परंपरा
छिंदवाड़ा शहर के छोटी बाजार स्थित पुराने पावर हाउस से आज दोपहर 12 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा परम संतोष श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर तक जाएगी, जहां पर त्रिमूर्ति का विश्राम और धूपारती होगी। इसके बाद भगवान को वर्धमान सिंटी स्थित विजय आनंद दुबे के निवास “जगन्नाथ आराधना स्थली” पर ले जाया जाएगा। भगवान मदनमोहन की विशेष प्रतिमा इस बार आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं पातालकोट से आए 50 कलाकार जिले की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करेंगे। यात्रा से पहले बुधवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय पूजन महोत्सव, जिसमें भगवान का नवयौवन संस्कार, नेत्रोत्सव और श्रृंगार विशेष विधि-विधान से किया गया। सुबह चार बजे से कलश स्थापना, मंगला आरती और छप्पन भोग जैसी परंपराएं निभाई जाएंगी।
केशकाल में निकलेगी पारंपरिक रथयात्रा
छत्तीसगढ़ के केशकाल नगर में भी आज भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम की रथयात्रा निकाली जाएगी। नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए यह यात्रा हरेश्वर शिव मंदिर (हर्रापड़ाव) पहुंचेगी, जहां भगवान कुछ दिनों के लिए विश्राम करेंगे। इस आयोजन में सुरडोंगर के बलराम गौर, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और स्थानीय मंदिर समितियां मिलकर भाग ले रही हैं। यह यात्रा 9 दिनों तक चलती है, जिसमें भगवान अपनी मौसी के घर ठहरते हैं, ठीक जैसे जगन्नाथ पुरी में होता है। दोनों ही स्थानों पर नगर प्रशासन और आयोजन समितियों ने मिलकर सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को मुकम्मल रूप दे दिया है। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा-अर्चना, दर्शन और रथ खींचने के लिए उमड़ेंगे। कहा जाता है कि रथ खींचने से पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
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