फैमिली ड्रामा बनाम फ्रॉड: 1.30 करोड़ की धोखाधड़ी में शामिल पूरा परिवार

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के भाई और व्यापारी धीरज अग्रवाल के साथ मुरार के व्यापारी गौतम राय रैली, उसकी पत्नी प्रिया राय रैली, पिता गुलशन राय रैली और नौकर मानवेंद्र ने 1.30 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इन लोगों ने एक मकान को बैंक में बंधक बताकर उसे छुड़ाने के एवज में इनसे रुपये उधार लिए थे। इन्हें यह मकान बैंक से छुड़वाने के बाद बेचने का झांसा भी दिया था, जबकि मकान बैंक में बंधक ही नहीं था। जब धीरज को इस बारे में पता लगा तो उन्होंने रुपये वापस मांगे। फिर तो गौतम व उसके स्वजन ने झूठा केस दर्ज कराने और जान से मारने तक की धमकी दे दी।

इस मामले में धीरज की ओर से मुरार थाने में शिकायत की गई। शिकायती आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, धमकाने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की। अब दंपती व अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है- जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
 
ठगी की पूरी कहानी, फरियादी की जुबानी
मैं व्यापारी हूं। इसी के चलते मेरा परिचय गौतम राय रैली से है। गौतम की स्टेशनरी व किताबों की दुकान मुरार के सदर बाजार में है। यहीं वह रहता है। 21 अक्टूबर 2024 को गौतम राय रैली, उसकी पत्नी प्रिया राय रैली व पिता गुलशन राय रैली मेरे पास आए। इनकी फर्म मैसर्स भारत स्कूल एड सप्लायर है। इन्होंने कहा कि उनका मकान बंधन बैंक में गिरवी है। उसे छुड़ाने के लिए रुपये की जरूरत है। इन्होंने कहा कि जैसे ही यह बैंक से यह मकान छुड़वा लेंगे। उसका सौदा तीन करोड़ रुपये में कर देंगे। मैं कई वर्षों से इन्हें जानता था, इसके चलते मैंने गौतम व उसके स्वजन को 25 अक्टूबर को 30 लाख रुपये नकद दिए। मैं इस सौदे के लिए राजी हो गया। 30 अक्टूबर को 10 और इसके बाद फिर 10 लाख रुपये दिए। 31 अक्टूबर को 80 लाख रुपये का चेक दिया। इसके जरिये 80 लाख रुपये इन्हें मिल गए।

इस तरह करीब 1.30 करोड़ रुपये ले लिए। कुछ ही दिन बाद मुझे पता लगा कि इनकी एक अन्य प्रापर्टी बैंक द्वारा नीलाम की जा रही है, लेकिन यह प्रापर्टी नहीं थी। मैंने पड़ताल कराई तो सामने आया कि यह प्रापर्टी किसी भी बैंक में बंधक नहीं रखी है। जो धन मुझसे लिया था, वह भी बैंक में जमा नहीं किया है। मुझे कुछ संदेह हुआ तो मैंने गौतम राय रैली को कॉल किया। उसने फोन पर कोई जवाब नहीं दिया। जब मैं उससे मिलने पहुंचा तो उसने अभद्रता शुरू कर दी। मैंने जो भी रुपये दिए, वह इसके नौकर के हाथ में दिए थे। इसकी रसीद भी है। मुझे यह लोग धमकी देने लगे। फिर मैंने पुलिस में शिकायत की।

ठग बोला जब तक कोर्ट कचहरी न जाऊं मजा नहीं आता
गौतम राय रैली द्वारा कई लोगों को इस तरह फंसाया गया है। वह झूठे केस भी लगवा चुका है। इसके सबूत वीडियो में कैद हैं। वह वीडियो में कह रहा है, इस तरह के काम में उसे मजा आता है। वह बोल रहा है – अब तक 120 मकान खाली करा चुका है। कई मुकदमे थाने में चल रहे हैं। जब तक कोर्ट, थाने नहीं जाता, मजा नहीं आता। यह बोलते हुए वह बुजुर्ग को धमका रहा है।

वीडियो में बोला- स्टांप पर हस्ताक्षर कराकर फंसाते हैं। एक और वीडियो है, जिसमें गौतम राय रैली बोल रहा है कि स्टांप पर हस्ताक्षर कर किसी को भी फंसा लेते हैं। इसका तरीका है, कई कागज के बीच में स्टांप लगा देते हैं। बैंक के कागज समझकर लोग हस्ताक्षर कर देते हैं। लोगों को क्या पता हमने कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर ले लिए। फिर इनका इस्तेमाल करते हैं।

दुष्कर्म तक का फर्जी केस लगवाया
आरोपित गौतम राय रैली द्वारा एक वीडियो में यह भी स्वीकार किया गया है कि झांसी में भीकाराम गुर्जर पर बलात्कार का केस लगवाया। वह खुद बोल रहा है कि फर्जी केस है।
पहले ये फर्जीवाड़े किए
एडवोकेट रमेश दुबे के मामले में भुगतान के बाद चेक रोका। पुलिस से मिलकर झूठी एफआइआर कराई। सुनीता गांधी केस में जमीन बेचकर रुपये लिए। कंपनी से इस्तीफा देकर डायरेक्टर बनाया फिर तकनीकि मुद्दे पर एफआईआर कराई। एसआर स्कवायर एसोसिएट केस में जमीन बेचने के बाद अपनी ही बेटी से कोर्ट में केस लगवाया।

 

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