राशन योजना पर संकट! e-KYC में देरी से 35 लाख लोगों का राशन हो सकता है बंद

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर
सरकार ने राशनकार्डों की ई-केवाईसी के लिए 30 जून की अंतिम तारीख तय की है। इसके बाद भी प्रदेशभर में अभी तक 34 लाख 95 हजार 058 लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाया है। वहीं अभी तक सरकार ने ई-केवाईसी कराने की नई तारीख नहीं बढ़ाई है। ऐसे में दो दिनों के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो तीसरे दिन से प्रदेशभर के करीब 35 लाख लोगों को राशन मिलना बंद हो जाएगा। बता दें कि प्रदेश में 81 लाख 66 हजार 887 राशनकार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें 2,73,66,829 सदस्यों का नाम दर्ज किया गया है। जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, सरकार उन्हें अपात्र मानकर उनका खाद्यान्न बंद कर सकती है।

रायपुर में 3.53 लाख लोगों का ई-केवाईसी शेष
रायपुर में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अब भी 3.53 लाख से अधिक कार्डधारियों का ई-केवाईसी बचा है। कुल 22.31 लाख सदस्यों में से अब तक 18.77 लाख लोगों का ई-केवाईसी हो चुका है, जो 84.32% है। वहीं 15.87% लोगों का डिजिटल सत्यापन अभी लंबित है।

अंतिम तिथि अब तक नहीं बढ़ी
विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा है कि ई-केवाईसी की समय-सीमा तय कर दी गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में भी जल्द इसी प्रकार की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। जिन कार्डधारियों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनके लिए यह अंतिम अवसर माना जा रहा है।

शासन ने जारी किया है आदेश
खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को डिजिटल पहचान से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। ऐसे में प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए यह तीन दिन का अल्टीमेटम बन चुका है। सूत्रों के मुताबिक, खाद्य एवं नगरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट कर दिया गया है कि 30 जून तक हर हाल में ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होनी चाहिए। इस तिथि के बाद बिना ई-केवाईसी वाले राशन कार्ड निलंबित कर दिए जाएंगे, और जुलाई से राशन वितरण रोका जा सकता है।

ई-केवाईसी कराना क्यों है जरूरी ?
बता दें कि ई-केवाईसी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से डिजिटल सत्यापन किया जाता है। इस प्रणाली से यह तय किया जाता है कि लाभार्थी वास्तविक, जीवित और पात्र है या नहीं। इसके जरिए फर्जी, मृत अथवा दोहरे राशन कार्ड धारकों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सकता है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया में आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक किया जाता है, और बायोमेट्रिक अथवा ओटीपी के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जाता है। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर और उचित मात्रा में खाद्यान्न आवंटन तय हो सकेगा।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry