नई दिल्ली
वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान खराब अंपायरिंग से नाखुश हैं। वेस्टइंडीज के क्रिकेटर रोस्टन चेज ने अंपायरों के लिए जुर्माना लगाने की मांग की। बारबाडोस में हुए मुकाबले के दौरान कई विवादास्पद फैसले उनके खिलाफ गए थे। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन 159 रनों से हराया था।
पहला मैच गंवाने के बाद रोस्टन चेज ने विवादास्पद निर्णयों की आलोचना की। वेस्टइंडीज के कप्तान ने कहा कि अंपायरों को उनके गलत निर्णयों के लिए सजा का सामना करना चाहिए। क्योंकि एक फैसला किसी खिलाड़ी का करियर बना या खराब कर सकता है। उन्होंने बताया कि जब खिलाड़ी आचार संहिता का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा मिलती है और उन्होंने अंपायरों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार करने की मांग की।
रोस्टन चेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''लेकिन अंपायरों के साथ कुछ नहीं होता। वे खराब निर्णय लेते हैं या विवादित फैसला देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। आप खिलाड़ियों के करियर की बात कर रहे हैं। एक खराब फैसला उनके करियर को बना या खराब कर सकता है। मुझे लगता है कि यह एक समान खेल का मैदान होना चाहिए, जहां जब खिलाड़ी लाइन से बाहर कदम रखें तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। मेरा मानना है कि जब कोई निर्णय आपके खिलाफ जाता है तो जुर्माना अवश्य लगाया जाना चाहिए।''
पहले टेस्ट मैच के दौरान पहले दिन तीन निर्णय विवादों में रहे हैं। टीवी अंपायर होल्डस्टॉक ने ट्रेविस हेड को इसलिए नॉट आउट दे दिया, क्योंकि स्टंप के पीछे शाई होप द्वारा लिए कैच क्लीयर नहीं था और उनके पास कैच को अच्छे तरीके से लेने का कोई सबूत नहीं था। दूसरे दिन पैट कमिंस की गेंद पर रोस्टन चेज को एलबीडब्ल्यू दिया गया। जबकि रिप्ले में साफ दिख रहा था कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर पैड पर लगी।
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