रायपुर
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार सुबह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अठावले ने रायपुर के माना में स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी फॉर्मूले को लेकर विवाद था। हिंदी हमेशा से हमारी राष्ट्रीय भाषा रही है और हम इसका सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने तर्क दिया कि मराठी स्कूलों में किसी अन्य भाषा को पढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मराठी लोगों ने इसका विरोध किया। हालांकि, देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने किसी भी आंदोलन से पहले ही हिंदी भाषा के अनिवार्य उपयोग के फैसले को रद्द कर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में हिंदी को लागू करना चाहिए, लेकिन कक्षा पहली से छठवीं तक क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का काम है तंज कसना, उनका मन सही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय जातिगत जनगणना को लेकर लिया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी, लेकिन जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने इस पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया? धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर मंत्री आठवले ने कहा कि प्रलोभन देकर और दबाव में धर्मांतरण सही नहीं है। अगर कोई अपनी स्वेच्छा से करना चाहे तो उन्हें अधिकार है लेकिन अगर दबाव में हो रहा है तो इस पर रोक लगनी चाहिए और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के दौरे के संदर्भ में आठवले ने कहा कि वहां अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में बंगाल में ममता बनर्जी की छुट्टी हो जाएगी और भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 7 जुलाई को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को सभा करने का अधिकार है। खड़गे हमारे समाज से हैं और उनका स्वागत है।
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